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अब इनकम टैक्स बन गया मुसीबत, नजरअंदाज न करें ये खबर, वरना पैनल्टी भरेंगे

Mon, 26 Feb 2018 02:36 PM IST
कुशाग्र मिश्रा/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
कुशाग्र मिश्रा/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Mon, 26 Feb 2018 02:36 PM IST
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must file income tax return till 31 july 2018
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आधार कार्ड की समस्या खत्म नहीं हुई थी कि इनकम टैक्स मुसीबत बनकर खड़ा हो गया। अगर आपने ये खबर नजरअंदाज कर दी तो पछताएंगे।
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आयकर - फोटो : social media
दरअसल, अब आयकर रिटर्न फाइल करने में देरी नए वित्तीय वर्ष से भारी पड़ सकती है। देय तिथि के बाद यदि रिटर्न फाइल किया तो पांच हजार रुपये की पेनल्टी भरनी पड़ेगी। निर्धारण वर्ष 2018-19 से यह नियम लागू कर दिया गया है। इस मामले में अभी तक आयकर विभाग नरमी बरतता था। आंकड़ों के अनुसार, 50 फीसदी से अधिक आयकर दाता देय तिथि से पहले रिटर्न फाइल नहीं करते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
इनमें भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो रिटर्न फाइल करना टालते जाते हैं और दो-दो वर्ष के रिटर्न एक साथ फाइल करते है। रोहतक ब्रांच ऑफ एनआईआरसी ऑफ द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के अध्यक्ष आशीष गर्ग ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 का रिटर्न फाइल करने की देय तिथि निर्धारण वर्ष 2018-19 की 31 जुलाई 2018 है। आयकर विभाग की ओर से समय पर रिटर्न फाइल कराने के लिए पेनाल्टी लगाने का निर्णय लिया गया।
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31 दिसंबर 2018 के बाद फाइल किया तो पेनल्टी दोगुनी
31 जुलाई 2018 तक रिटर्न फाइल करने से चूकने पर 5000 रुपये का जुर्माना 31 दिसंबर 2018 तक देना होगा। इस दौरान भी रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो एक जनवरी से रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2019 के बीच रिटर्न फाइल करने पर 10 हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा। एक अप्रैल 2019 से वित्तीय वर्ष 2017-18 का रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे। साथ ही विभाग के नोटिसों और जांच के दायरे में आ जाएंगे। आपको आय का 50 फीसदी तक पैनल्टी के तौर पर देना पड़ा सकता है।
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वित्तीय वर्ष और निर्धारण वर्ष का फर्क
जिस वर्ष में आय कमाते हैं, उसे वित्तीय वर्ष कहते हैं और जिस वर्ष में वार्षिक आय पर कर का निर्धारण होता है, उसे निर्धारण वर्ष कहते हैं। यानी वित्तीय वर्ष 2017-18 में आय पर निर्धारण वर्ष 2018-19 में कर निर्धारित होगा। एक अप्रैल 2018 में आप कर का निर्धारण कर रिटर्न फाइल करेंगे, जोकि निर्धारण वर्ष है।
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