फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

झाड़ियों में मिली नवजात, आसपास घूम रहे थे चूहे, पुलिस ने की शर्मनाक हरकत

Mon, 14 Aug 2017 09:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा) Updated Mon, 14 Aug 2017 09:18 AM IST
विज्ञापन
mother thrown new born girl child in bushes
झाड़ियों में मिली नवजात
बेटी जन्मी तो झाड़ियों में फेंक दी। वह अखबार में लिपटी थी और आसपा चूहे घूम रहे थे। पुलिस ने तो और शर्मनाक हरकत कर डाली, पर समय रहते बच्ची को बचा लिया गया।
mother thrown new born girl child in bushes
झाड़ियों में मिली नवजात
घटना हरियाणा के पंचकूला की है। सेक्टर आठ के खाली पड़े एक प्लॉट में महिला को नवजात बच्ची पड़ी मिली। शनिवार सुबह कोठियों में काम करने वाली महिला ने पार्क के पास झाड़ियों में अखबार में लिपटी कोई चीज हिलती दिखाई दी। आस पास चूहे भी घूम रहे थे। महिला को शक हुआ और उसने चूहे भगाए। अखबार हिलाकर देखा तो बच्ची के रोने की आवाज आने लगी। महिला ने लोग इकट्‌ठे किए और पुलिस को सूचना दी।
mother thrown new born girl child in bushes
झाड़ियों में मिली नवजात
मौके पर सेक्टर-7 पुलिस चौकी से पुलिस मुलाजिम भी पहुंचे और बच्ची को तुरंत जनरल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बच्ची का चेकअप किया तो हालत नाजुक थी। जांच में पता चला कि बच्ची का जन्म 12 घंटे पहले ही हुआ था। करीब पांच घंटे तक जनरल अस्पताल में बच्ची का इलाज कर उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया। जब बच्ची को रेफर किया गया तो बच्ची की हालत पहले से कुछ बेहतर थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
mother thrown new born girl child in bushes
झाड़ियों में मिली नवजात
एचओडी डॉ. मुक्ता ने बताया कि बच्ची को जब अस्पताल लाया गया था तो उसका शरीर नीला पड़ा था। सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। लगता है कि बच्ची का जन्म प्री मेच्योर डिलीवरी है। बच्ची नौ माह के बजाय करीब साढ़े सात आठ माह में जन्मी है। सिविल सर्जन वीके बंसल ने बताया कि बच्ची ऑक्सीजन मेंटेन नहीं कर पा रही थी। जिसके चलते उसे पीजीआई में एसएनसीयू में दाखिल कराया गया।
विज्ञापन
mother thrown new born girl child in bushes
झाड़ियों में मिली नवजात
वहीं दूसरी ओर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन मामले में पंचकूला पुलिस की लापरवाही नजर आई, जिसके कारण बच्ची की जान जा सकती थी। क्योंकि जब बच्ची को पीजीआई ले जाया गया तो एंबुलेंस में न तो पंचकूला पुलिस से कोई साथ आया था और न ही एमएलसी। जनरल अस्पताल का स्टाफ साथ था। एमएलसी न होने की वजह से पीजीआई में डॉक्टरों ने बच्ची को एडमिट करने से मना कर दिया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed