मोदी सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'हमसफर कोच' अब 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ने को तैयार है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु के 2016-17 के बजट का महत्वाकांक्षी हमसफर कोच का पहला रैक नार्दर्न रेलवे को भेजा गया है। इस दो पावर कार सहित 19 कोच के रैल को रेल कोच फैक्टरी के महा प्रबंधक आरपी निबारिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
2 of 5
हमसफर कोच
- फोटो : amar ujala
भारतीय रेल यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने और यात्रा आनंदप्रद बनाने की प्राथमिकता का पूरा ध्यान रखा गया है। इस वर्ष रेल बजट में रेल सेवाओं को वर्गीकृत किया गया है। इसके तहत आरसीएफ को हमसफर गाड़ी के लिए पांच रैक के निर्माण का आदेश मिला। इस आदेश की पूर्ति करते हुए आरसीएफ ने भारतीय रेल की जरूरतों व अनिवार्यता को ध्यान में रखकर पहला रैक तैयार करके रवाना किया है।
3 of 5
हमसफर कोच
- फोटो : amar ujala
हर कोच में नाइट लाइट के लिए एलईडी लाइटों का इस्तेमाल किया गया है। साइड बर्थ में मोबाइल फोन चार्जिंग सॉकेट लगाए गए हैं। टॉयलेट को और सुसज्जित करते हुए सोप डिस्पेंसर का प्रयोग किया गया है। सभी डिब्बों में दृष्टिहीन यात्रियों के लिए ब्रेल साइनेज इस्तेमाल में लाए गए हैं। राजधानी, शताब्दी व अन्य मेल एक्सप्रेस ट्रेनों से अलग करने के लिए इसे अलग कलर स्कीम से पेंट किया गया है।
4 of 5
हमसफर कोच
- फोटो : amar ujala
आरसीएफ महाप्रबंधक आरपी निबारिया ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में पांच रैकों के निर्माण की आपूर्ति की जानी है। पहले रैक का निर्माण अप्रैल में शुरू हुआ था और जून मध्य में इसे रवाना कर दिया गया । लगभग ढाई माह में रैक बनकर तैयार हुआ है।
5 of 5
हमसफर कोच
- फोटो : amar ujala
72 यात्रियों की सुविधा वाला हर कोच एसी 3 टियर है। रैक को रवाना करने से पहले महाप्रबंधक ने पूरी तरह से डिब्बों का निरीक्षण किया। इस दौरान आरसीएफ के चीफ मैकेनिकल इंजीनियर पीसी गुप्ता, सभी विभागाध्यक्ष सभी यूनियनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।