एमबीबीएस कर रहे हैं या करना चाहते हैं, तैयारी में जुटे हैं तो ध्यान दें। अब आपको पास आउट होते ही एक नई शर्त पूरी करनी होगी, कनेक्शन पोस्टिंग से जुड़ा है।
हरियाणा के सरकारी व प्राइवेट मेडिकल कालेजों के पासआउट डाक्टरों को सरकारी अस्पतालों में अब दो साल की ड्यूटी देनी पड़ सकती है। इसके लिए हरियाणा सरकार मसौदा तैयार कर लिया है और इस बाबत कानूनी राय मांगी है। ताकि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले किसी प्रकार की वैधानिक अड़चन न हो।
स्वास्थ्य मंत्री का दावा यह व्यवस्था सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की कमी को दूर करने के लिए बनाई जा रही है। हरियाणा में यदि देखा जाए तो स्वास्थ्य सेवाओं का काफी विस्तार किया गया है। सरकारी अस्पतालों व चिकित्सा केंद्रों में ओपीडी की प्रतिशत दर भी बढ़ी है] लेकिन पिछले पौने चार साल में सरकार सरकारी अस्पतालों की डाक्टरों की कमी को पूरी तरह से खत्म नहीं कर पाई है।
आलम यह है कि अभी भी सरकारी अस्पतालों में करीब 400 डाक्टरों की कमी है, जबकि 81 डाक्टरों को पुनर्नियुक्ति देकर काम चलाया गया है। सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की कमी की वजह से मरीज बहुत ज्यादा परेशान हो रहे हैं। मौजूदा डाक्टरों पर अत्यधिक वर्कलोड के चलते मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
मेडिकल कालेजों के एमबीबीएस पासआउट छात्र सरकारी अस्पतालों में दो साल ड्यूटी दें, इसके लिए मसौदा तैयार हो गया है, इस पर कानूनी राय मांगी गई है।
- अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा सरकार