पति की शहादत के मात्र 20 दिन बाद अब शहीद की पत्नी ने देश सेवा का बीड़ा उठाया है। देखिए
भिवानी के मेजर संजीव लाठर की पत्नी शालिनी के अंदर भी पति की तरह देश के लिए कुछ कर गुजरने का जनून है तो उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का जज्बा। इसी मकसद से गम के इस माहौल में भी इस बहादुर महिला ने परिजनों के सामने सेना में जाने की इच्छा जताई है।
भिवानी के विद्या नगर में रहने वाले मेजर संजीव लाठर 54-गोरखा रेजिमेंट सिलीगुड़ी में तैनात थे। वे आर्मी के एविएशन विभाग में बतौर इंस्ट्रेक्टर सेवाएं दे रहे थे। 30 नवंबर को पश्चिम बंगाल के सुकना में हुए एक हेलीकाप्टर हादसे में वह शहीद हो गए थे। पति की शहादत के बाद पत्नी शालिनी और उनके परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन ऐसे माहौल में शालिनी के एक निर्णय ने पूरे परिवार को आश्चर्यचकित कर दिया।
शालिनी के पिता जगराम मान ने बताया कि उनके दामाद की शहादत के बाद नौ साल की बेटी सुहानी और ढाई साल की बेटी अक्षिता की जिम्मेदारी शालिनी पर आ गई। लेकिन उनकी बेटी ने ऐसे माहौल में भी सेना में जाने की इच्छा जताई है। वह सेना में जाने के लिए पूरी तैयार है और अपने पति की तरह देश सेवा करना चाहती है। वह सेना में अधिकारी के पद पर जाने के लिए पूरी योग्यता रखती है। वह फिलहाल अपने मायके में है, लेकिन 25 दिसंबर के बाद बेटियों को लेकर सिलीगुड़ी में चली जाएगी। वहीं पर उनके पति की तैनाती थी। शहीद की पत्नी शालिनी कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता रणसिंह मान की भतीजी है।
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कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपेंद्र सिंह हुड्डा
- फोटो : फाइल फोटो
रक्षामंत्री से मिला, दिया आयु सीमा में छूट का आश्वासन : दीपेंद्र
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बताया कि शुक्रवार को रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात की गई। सेना में भर्ती के लिए शालिनी की उम्र में कुछ दिनों का फर्क पड़ रहा है। पति की शहादत को देखते हुएउ उनसे आयु सीमा में कुछ छूट देने की मांग की है। इसके अलावा मेजर संजीव लाठर को शौर्य चक्र से नवाजे जाने की भी मांग की है। रक्षामंत्री ने दोनों मुद्दों पर आश्वासन दिया है।