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शहीद के अंतिम संस्कार पर मां बोली- बेटा शेर था, दूसरा होता तो उसे भी सेना में भेजती

Sat, 03 Dec 2016 05:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जुलाना(जींद)
ब्यूरो/अमर उजाला, जुलाना(जींद) Updated Sat, 03 Dec 2016 05:12 PM IST
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Martyr sanjeev funeral at jind haryana, mother statement
शहीद मेजर संजीव लाठर का पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
'मेरा बेटा संजीव शेर जैसा था। बचपन से ही उसका सपना था कि वह देश के लिए काम आए। मुझे मेरे बेटे पर गर्व है।'
Martyr sanjeev funeral at jind haryana, mother statement
शहीद मेजर संजीव लाठर का पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
अपने एक बेटे की शहादत पर मां ने कहा कि अगर दूसरा बेटा होता तो उसे भी सेना में ही भेजती। यह मां है शहीद मेजर संजीव कुमार लाठर की। पश्चिम बंगाल के सुकना जिले में हेलीकॉप्टर क्रैश लैंडिंग में शहीद हुए मेजर संजीव कुमार लाठर का शुक्रवार को उसके पैतृक गांव बुढ़ाखेड़ा लाठर में अंतिम संस्कार हुआ। 
Martyr sanjeev funeral at jind haryana, mother statement
शहीद मेजर संजीव लाठर का पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
शहीद की अंतिम विदाई में वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। आंखों में आंसू लिए शहीद की मां ने बताया कि रविवार को उनकी संजीव से बात हुई थी। वह बता रहा था कि उसकी कर्नल की ट्रेनिंग पूरी हो गई है। जल्द ही वह कर्नल बनने वाला है। लेकिन बुधवार को हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया।
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शहीद मेजर संजीव लाठर का पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
शहीद मेजर संजीव के अंतिम दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। अंतिम संस्कार में सहकारिता राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर, विधायक परमेंद्र सिंह ढुल, पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान, डीसी विनय कुमार, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. रणजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
 
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शहीद मेजर संजीव लाठर का पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
संजीव का जन्म भिवानी में 28 फरवरी 1983 को हुआ था। लेकिन वह बचपन और सेना में नियुक्ति के बाद भी अपने पैतृक गांव बुढ़ाखेड़ा लाठर में आता जाता रहा है। संजीव ने वर्ष 2000 में एनडीए की परीक्षा पास की और 2004 में आईएमए के प्रशिक्षण के बाद कमीशन मिल गया। उनका अन्य परिवार गांव में ही रहता है। 
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