चीन बार्डर पर शहीद हुए 21 साल के जवान का पार्थिव शरीर जब यहां पहुंचा तो मौके के हालत देख सेना अधिकारी भड़क गए। देखिए, पूरी रिपोर्ट।
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चीन बॉर्डर पर शहीद हुआ फतेहाबाद का लाल होशियार सिंह
- फोटो : अमर उजाला
फतेहाबाद के गांव बहबलपुर निवासी 21 वर्षीय होशियार सिंह का 2 दिन पहले भारत-चीन बॉर्डर पर साथी सैनिकों सहित गाड़ी खाई में गिर जाने से निधन हो गया था। बड़ी विडंबना देखने को मिली कि भारत मां के इस सेवक का पार्थिव शरीर यहां लाया गया तो प्रशासन की तरफ से अगुवाई के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इसके चलते साथ आए सेना के अधिकारियों में रोष देखने को मिला।
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चीन बॉर्डर पर शहीद हुआ फतेहाबाद का लाल होशियार सिंह
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जब होशियार सिंह का पार्थिव शरीर फतेहाबाद बस स्टैंड पर पहुंचा तो मौके पर कोई पुलिस या प्रशासन का अधिकारी मौजूद नहीं रहा। सैनिक पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की बाट जोहते रहे। बाद में सूचना भिजवाई गई, तब कहीं जाकर करीब पौना घंटा सैनिक के पार्थिव शरीर को गांव के लिए ले जाया गया। इस बारे में जिला पुलिस के सुरक्षा प्रभारी सतबीर सिंह का कहना है कि उनके पास इस बारे में कोई सूचना नहीं थी।
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चीन बॉर्डर पर शहीद हुआ फतेहाबाद का लाल होशियार सिंह
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फतेहाबाद जिले के बहबलपुर गांव के होशियार सिंह का जन्म 6 जुलाई 1994 को हुआ था। 2014 में वह सेना में भर्ती हो गए। परिवार के लोग भी देशसेवा में अपने लाडले का योगदान देख फूले नहीं समा रहे थे, लेकिन हाल ही में दो दिन पहले लाडला उन्हें छोड़कर सदा-सदा के लिए चला गया। जट्टसिख रेजीमेंट के शहीद जवान होशियार सिंह की सोमवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि कर दी गई।
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चीन बॉर्डर पर शहीद हुआ फतेहाबाद का लाल होशियार सिंह
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दूसरी तरफ पार्थिव शरीर के साथ आई टीम की अगुवाई कर रहे सेना के अधिकारी मथुरा प्रसाद की मानें तो हादसे के तुरंत बाद हिसार कैंट में जानकारी दी गई थी, जहां से फतेहाबाद के डीसी और पुलिस विभाग के पास सूचना आनी थी। ऐसी लापरवाही क्यों हुई, यह गलत है। इस बारे में दोनों तरफ के अफसरान एक-दूसरे को गलत बताते रहे। बहरहाल शहीद का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।