कांग्रेस के स्टार प्रचारक नवजोत सिंह सिद्धू ने लोकसभा चुनाव के दौरान 100 से अधिक रैलिया की थी। हालांकि कांग्रेस और सिद्धू की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। लोगों ने 'सिद्धू की वाणी' को पूरी तरह से नकार दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना कसने वाले नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाबियों ने भी पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
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Navjot Singh Sidhu
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सिद्धू ने भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह की रैली में लोगों से ऐसा छक्का मारने की अपील की थी, जिससे मोदी सीमा पार जाकर गिरे। प्रधानमंत्री जब भोपाल में साध्वी प्रज्ञा के चुनाव प्रचार में गए थे तो मोदी ने सिद्धू के इस भाषण का उल्लेख भी किया था। इस सीट पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।
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सिद्धू हरियाणा के रोहतक में दीपेंद्र हुड्डा के प्रचार के लिए पहुंचे थे। इस दौरान जब प्रधानमंत्री पर तंज कसे तब एक महिला ने उन पर चप्पल फेंक दी थी। कांग्रेस को यह सीट भी गंवानी पड़ी। नवजोत सिद्धू ने हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित महाराष्ट्र में कई जान सभाएं कीं। जहां कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया।
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पंजाब में अंतिम चरण में लोकसभा चुनाव हुए। इस दौरान गला खराब होने के कारण प्रचार से दूर रहने की घोषणा करने वाले सिद्धू ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ गुरदासपुर के पठानकोट में एक चुनावी रैली के बाद रोड शो में भाग लिया था। उसी दिन सिद्धू ने प्रियंका गांधी के साथ बठिंडा लोकसभा हलके में शिअद की उम्मीदवार हरसिमरत कौर बादल के खिलाफ रैली की थी। इसके बाद एक चुनावी रैली में कांग्रेस-शिअद के बीच खेले जा रहे फ्रेंडली मैच का विवादित बयान दिया था। सिद्धू के प्रचार के बावजूद कांग्रेस दोनों सीटों पर हार गई।
सिद्धू अपने ‘घर’ अमृतसर व तरनतारन संसदीय क्षेत्र में चुनाव प्रचार के लिए नहीं आए। दोनों सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों ने शानदार विजय हासिल की। चुनाव प्रचार के बीच सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह व प्रभारी आशा कुमारी पर तंज कसा था कि यदि दोनों नेता कह रहे हैं कि प्रदेश की सभी सीट कांग्रेस जीत रही है तो फिर सिद्धू के प्रचार की क्या जरूरत है।