चिलचिलाती धूप और झुलसाती लू के बीच हरियाणा में राजनीतिक ताकत और विरासत को बनाए रखने के लिए कहीं मां तो कहीं बहू और पत्नी कड़ी मेहनत कर रही हैं। इन्हें चुनाव प्रचार करता देख लोगों की निगाहें ठहर जाती हैं। ये अपने-अपने अंदाज से मतदाताओं को अपने उम्मीदवार के लिए वोट मांग रही हैं। ये सभी राज्य की सियासत में बेहद प्रभावशाली और राजनीतिक रसूख वाले चौटाला, विश्नोई और हुड्डा परिवारों से हैं। इन परिवारों के पुरुष नेताओं की सफलता के पीछे महिलाओं का अहम योगदान है। हरियाणा में 12 मई को सभी 10 लोकसभा सीटों पर मतदान पड़ेंगे।
हरियाणा: विरासत के लिए जुटीं मां-बहू और पत्नी, चौटाला-विश्नोई व हुड्डा परिवारों ने बढ़ाई चुनावी तपिश
बेटे भव्य के लिए मैदान में भजनलाल की बहू
रेणुका पूर्व सीएम भजनलाल की बहू और तीन बार के विधायक कुलदीप बिश्नोई की पत्नी और विधायक हैं। वे पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे बेटे भव्य की जीत के लिए हिसार में जी जान से जुटी हुई हैं। हांसी से कांग्रेस विधायक रेणुका को राजनीति विरासत में मिली है। रेणुका कहती हैं कि वे अधिक से अधिक लोगों से मिलती हैं और ज्यादातार इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। कहती हैं- मैं महिला मतदाताओं से खुलकर बात करती हूं और उनसे सही फैसला करने को कहती हूं।
बेटी के लिए जीत मांग रहीं बंसीलाल की बहू
किरण चौधरी तोशाम से कांग्रेस की विधायक हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल की बहू हैं और भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र में बेटी श्रुति के लिए प्रचार कर रही हैं। श्रुति एक बार फिर कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं।
आईएएस छोड़ने वाले बेटे के लिए मैदान में
उचाना कलां विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक प्रेमलता अपने पुत्र बृजेंद्र सिंह के लिए चुनाव प्रचार कर रही हैं जो हिसार से भाजपा के उम्मीदवार हैं। बृजेंद्र पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। वे जाट नेता एवं केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के पुत्र हैं और चुनाव लड़ने के लिए आईएएस की नौकरी छोड़ी है।
ये भी मैदान में जुटीं
रीता शर्मा पति अरविन्द शर्मा (भाजपा, रोहतक) के लिए प्रचार कर रही हैं। अंजू भाटिया पति संजय भाटिया (भाजपा, करनाल) के लिए और अवंतिका माकन पति अशोक तंवर (कांग्रेस, सिरसा) को जिताने के लिए जुटी हुई हैं।
पूर्व सीएम पति व बेटे के लिए गली-गली प्रचार
आशा हुड्डा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पत्नी और कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा की मां हैं। पति कांग्रेस के टिकट पर सोनीपत तो बेटा रोहतक से उम्मीदवार है। इनके प्रचार की कमान खुद आशा ने संभाल रखी है। दोनों की जीत सुनिश्चित करने के लिए वे दोनों संसदीय क्षेत्रों में गली-गली घूम रही हैं। सोनीपत और रोहतक के बीच उनका रोजाना आना जाना रहता है। आशा के साथ उनकी बहू श्वेता हुड्डा भी लगी हुई हैं। प्रचार के दौरान वे साथ ही रहती हैं।