मोरनी से पंचकूला मार्ग पर टिकरी गांव के पास एक घायल तेंदुआ पानी के टैंक में गिर गया। तेंदुए पैर से जख्मी है। यही वजह है कि वह टैंक से बाहर नहीं निकल सका और दहाड़ता रहा। तेंदुए के दहाड़ने की आवाज ग्रामीणों ने सुनी और पुलिस व वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों को सूचित किया।
हालांकि वन्य विभाग से संबंधित स्थानीय कर्मचारियों को छोड़कर बड़े वन्य जीव प्राणी विभाग के अधिकारी कई घंटे की देरी से पहुंचे। मौके पर पहुंची वन्य जीव प्राणी की टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को बाहर निकाला। पहले तेंदुए को ट्रेंक्यूलाइज किया गया। बेहोश होने के बाद ही विभाग की टीम ने सावधानी से घायल तेंदुए को टैंक से बाहर निकाला।
शिकार की आशंका, तेंदुए का घायल पैर कर रहा इशारा
पानी के टैंक में गिरे तेंदुए का घायल पैर वन्य विभाग के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है। जानकार लोगों का मानना है कि तेंदुए का पैर शिकार के लिए लगाई गई कडक्की में फंसकर घायल हुआ है, जिसके कारण वह टैंक में गिरने के बाद बाहर नहीं निकल सका। लेकिन सब चीजों से वाकिफ संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
आपको बता दें कि यहां पर वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों की जानवरों की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही देखी जा सकती है। खंड में एकमात्र कार्यालय पर हर समय ताला लगा रहता है, जो कर्मचारी फील्ड में होने चाहिए वह अक्सर अपने निजी कामों में व्यस्त रहे हैं। वहीं कुछ कर्मचारी मुख्य कार्यालय में ही अपनी ड्यूटी लगवाकर रखते हैं। बता दें कि इससे पहले भी शिकार की कईं शिकायतें आई लेकिन विभाग के अधिकारियों ने हर बार फाइलों को दबाने का कार्य किया है।
वन विभाग ट्रेंक्यूलाइज करने में विफल, एएसआई ने लगाया निशाना
पानी के टैंक में गिरे तेंदुए को ट्रेंक्यूलाइज करने पर दो बार वन विभाग के अधिकारियों ने गन से फायर किया लेकिन दोनों ही बार विफलता हाथ लगी। वहीं मोरनी चौकी इंचार्ज मान सिंह से वन्य प्राणी अधिकारियों के आग्रह करने के बाद उन्होंने पहले ही शॉट में तेंदुए को ट्रेंक्यूलाइज कर दिया। वहीं घायल तेंदुए को देखने वालों की भीड़ लग गई। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार घायल तेंदुए को इलाज के बाद सुरक्षित चिड़ियाघर में भेजा जाएगा।