फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जानिए बुढ़ापे के अकेलेपन और दर्द की कहानी 'मिस्टर एंड मिसेज मुरारीलाल'

Sun, 18 Dec 2016 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 18 Dec 2016 12:49 AM IST
विज्ञापन
Learn the story of the pain of old age, loneliness and Mr. and Mrs. Murarilal
मिस्टर एंड मिसेज मुरारीलाल - फोटो : अमर उजाला

बुढ़ापे में परिवार के बच्चे और अन्य छोड़कर चले जाए तो सहा जा सकता है, लेकिन पति या पत्नी में से कोई एक छोड़कर चला जाए तो यह दर्द असहनीय हो जाता है। यही कुछ दिखा मिस्टर एंड मिसेज मुरारीलाल नाटक में। 

Learn the story of the pain of old age, loneliness and Mr. and Mrs. Murarilal
मिस्टर एंड मिसेज मुरारीलाल - फोटो : अमर उजाला

बालीवुड डायरेक्टर एवं सतीश कौशिक और अभिनेत्री मेघना मलिक ने मिस्टर एंड मिसेज मुरारीलाल की भूमिका निभाई, जबकि नाटक को सैफ हैदर हसन ने डायरेक्ट किया। इस नाटक का मंचन चंडीगढ़ पर्यटन विभाग और टैगोर थिएटर के संयुक्त सहयोग से टैगोर थिएटर सेक्टर-18 में आयोजित किया गया। नाटक में मुख्य तौर पर एक बूढ़े दंपति के जीवन को दिखाया गया जो किन्हीं कारणों से अलग हो जाते हैं। 

Learn the story of the pain of old age, loneliness and Mr. and Mrs. Murarilal
मिस्टर एंड मिसेज मुरारीलाल - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद उनके जीवन में किस प्रकार से उतार-चढ़ाव आते हैं। इसे नाटक  में दिखाया गया। इस मौके पर डायरेक्टर हैदर हसन ने बताया कि एक अरसे तक साथ रहने के बाद जब कोई अलग होता है तो उस दर्द को बयां कर पाना बहुत मुश्किल होता है। कई युवा अपने बूढ़े मां-बाप को छोड़ देते हैं। बच्चों की जुदाई को वह सहन कर लेते हैं, लेकि न पति या पत्नी के बिछुड़ने के दर्द को वह बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Learn the story of the pain of old age, loneliness and Mr. and Mrs. Murarilal
मिस्टर एंड मिसेज मुरारीलाल - फोटो : अमर उजाला

पार्क में मिलते हैं तीनों किरदार
नाटक में तीनों किरदार एक रात को पार्क में मिलते हैं जिनमें पार्क का चौकीदार अमित पाठक, मिस्टर मुरारीलाल सतीश कौशिक, मिसेज मुरारी लाल मेघना मलिक पहुंचते हैं और यहीं सारी कहानी को दर्शाया गया हैं।

विज्ञापन
Learn the story of the pain of old age, loneliness and Mr. and Mrs. Murarilal
मिस्टर एंड मिसेज मुरारीलाल - फोटो : अमर उजाला

नाटक के लिए टिकट सही : हैदर
इस नाटक के लिए 300 और 500 रुपये की टिकट थी। इस बारे में डायरेक्टर सैफ हैदर हसन ने कहा नाटकों के लिए टिकट रखना बिल्कुल जरूरी है। इसी से तो कलाकार की रोजी रोटी चलती है। हालांकि, टिकट होने के कारण दर्शकों से पूरा हाल भर नहीं पाया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed