फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Last Rites Of Shaheed Gurpreet Singh At Dharmagarh Village In Mohali

24 साल की उम्र में शहीद हुए गुरप्रीत को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई, छोटे भाई ने दी चिता को अग्नि

Fri, 12 Jul 2019 12:37 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 12 Jul 2019 12:37 AM IST
विज्ञापन
Last Rites Of Shaheed Gurpreet Singh At Dharmagarh Village In Mohali
शहीद गुरप्रीत को दी गई अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला

जम्मू-कश्मीर के लेह सेक्टर में मंगलवार को शहीद हुए फौजी गुरप्रीत सिंह (24) का गुरुवार को उनके पैतृक गांव धर्मगढ़ में गमगीन माहौल में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हर किसी की आखें नम थीं। प्रशासनिक व पुलिस प्रशासन सहित राजनीतिक, धार्मिक व सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि और बड़ी सख्या में इलाका वासियों ने शहीद को अंतिम श्रद्धांजलि दी।

विज्ञापन

Last Rites Of Shaheed Gurpreet Singh At Dharmagarh Village In Mohali
शहीद को दी गई सलामी - फोटो : अमर उजाला

शहीद गुरप्रीत सिंह के पार्थिव शरीर को गुरुवार सुबह सात बजे एयर लिफ्ट करके लेह से चंडीगढ़ लाया गया था, जहां से सेना की गाड़ी से पार्थिव शरीर को गांव धर्मगढ़ लाया गया। इस दौरान जब शहीद के पार्थिव शरीर को ताबूत से निकाला गया और शहीद की वर्दी व बेल्ट उनके पिता धर्मपाल को सौंपी गई तो माहौल गमगीन हो गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

बहनों व भाई का रो-रो कर बुरा हाल था। श्मशान घाट में सेना की टुकड़ी ने शहीद को सलामी देने के बाद अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। शहीद की चिता को अग्नि छोटे भाई मनप्रीत सिंह ने दी। शहीद गुरप्रीत सिंह दो बहनों और दो भाइयों में तीसरे नंबर पर था। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बहन रेनू बाला की नवंबर में शादी तय थी, जिसके लिए परिवार तैयारी कर रहा था। मां का पहले ही देहांत हो चुका है। शहीद के पिता मेहनत मजदूरी व हलवाई का काम करते हैं।

विज्ञापन

2014 में सिख रेजिमेंट में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे गुरप्रीत सिंह
24 वर्षीय गुरप्रीत सिंह सिख रेजिमेंट में बतौर सिपाही 2014 में भर्ती हुए थे। शहीद के पार्थिव शरीर के साथ आए सूबेदार मेजर सिंह ने बताया कि गुरप्रीत सिंह जम्मू-कश्मीर के लेह सेक्टर में अपनी प्लाटून के 50-60 जवानों के साथ फायरिंग अभ्यास कैंप में गए थे। 

9 जुलाई को 11 बजे के बाद वह फायर कर रहे थे कि अचानक ब्लास्ट हो गया और गुरप्रीत सहित तीन जवान जख्मी हो गए थे। तीनों को तुरंत लेह मिलिट्री अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उपचार के दौरान गुरप्रीत सिंह शहीद हो गए। दो अन्य सिपाही मनरूम सिंह व संदीप सिंह की हालत ठीक है, जो अभी उपचाराधीन हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed