सोनाली फोगाट का 42 साल की उम्र में मंगलवार को गोवा में निधन हो गया। मगर बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि सोनाली फोगाट का असली नाम सुदेश था। सोनाली ने फिल्मी व राजनीतिक कॅरिअर के लिए यह नाम चुना था। उनको गांव में देसा नाम से पुकारते हैं। सोशल मीडिया में खुद उन्होंने इसका खुलासा किया था। सोनाली के पति संजय फोगाट हिसार में अपना कारोबार संभालते थे। वर्ष 1996 में सोनाली की संजय से शादी हुई थी। उनकी करीब 18 साल की बेटी यशोधरा है। यशोधरा फोगाट हिसार के विद्यादेवी जिंदल स्कूल में पढ़ती है और वहीं छात्रावास में रहती है। छुट्टियों के दिनों में वह अपनी मां के पास आती है। सोनाली के पति संजय फोगाट की वर्ष 2016 में मौत हो गई थी। वह अपने घर में मृत पाए गए थे। कुछ लोगों ने उनकी मौत पर सवालिया निशान उठाए थे।
अनसुने किस्से: गांव की देसा कैसे बनी सोनाली फोगाट, यह है असली नाम, विवादों से भी रहा नाता
बता दें कि सोनाली फोगाट के अपने परिवारजनों के साथ अच्छे संबंध नहीं रहे। सोनाली फोगाट ने वर्ष 2021 में ढूंढर में फार्म हाउस (रिसोर्ट) बनाया था। 31 दिसंबर 2021 को इसका उद्घाटन किया था, जिसमें भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं समेत कुछ हस्तियां भी पहुंची थीं। रिसोर्ट में उनके डांस की एक वीडियो भी वायरल हुआ था।
हमेशा सुर्खियों में रहीं सोनाली फोगाट
राजनीति से पहले सोनाली फोगाट एक्टिंग, एंकरिंग और मॉडलिंग के पेशे में अपना नाम बना चुकी थीं। उन्होंने वर्ष 2006 में दूरदर्शन से एंकरिंग की शुरुआत की थी। आठ अक्तूबर 2019 को आदमपुर विधानसभा क्षेत्र में बालसमंद गांव में रैली के दौरान ‘भारत माता की जय’ का जयकारा नहीं लगाने वाले को कहा था कि पाकिस्तान से हैं क्या। बाद में उन्होंने इस बयान के लिए माफी मांग ली थी।
पांच जून 2020 को उनका एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह हिसार मार्केट कमेटी के सचिव को चप्पल से मारते हुए दिखाई दी थीं। उन्होंने कहा था कि कमेटी सचिव उनके साथ अभद्रता कर रहा था। यह मामला खाप पंचायत से लेकर अदालत तक गया था। 12 मई 2022 को हांसी में दलजीत सिसाय व उसके साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग हुई थी। इस मामले में दलजीत सिसाय की पत्नी ने सोनाली फोगाट का नाम लिया था। हालांकि जाट आरक्षण आंदोलन के सजायाफ्ता दलजीत की पत्नी ने लिखित में शिकायत नहीं दी थी।
वर्ष 2016 में बालसमंद कॉलेज के लिए प्रस्तावित जमीन को लेकर सोनाली फोगाट सुर्खियों में आई थीं। आरोप था जिन लोगों ने जमीन पर कब्जा किया हुआ था उन्हें सोनाली फोगाट अपने प्रभाव से बचा रही थीं। कब्जा करने वाले सोनाली के ममेरे भाई हैं। वर्ष 2021 में किसान आंदोलन के समय सोनाली फोगाट ने फेसबुक पर लाइव आकर आंदोलनकारी किसानों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके बाद किसानों ने उनका बहिष्कार किया था। आदमपुर विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने भाजपा की बैठक बुलाई थी, जिसका विरोध हुआ था। जून 2022 में जीजेयू में आयोजित समारोह में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय मुख्य अतिथि थे। वह मंच पर उनके पास बैठने के लिए पहुंचीं। वहां कुर्सी न मिलने पर उन्हें मंच से नीचे आना पड़ा। इस दौरान उन्होंने मीडिया कर्मियों को बताया था कि उन्हें नीचे बैठने के लिए कहा जा रहा था। इस कारण वह जा रही हैं।