जिस गुरमेहर कौर को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीति तक का माहौल गर्म हो गया है, आखिर वो है कौन और कहां से आई है? जानिए इसके बारे में सब कुछ।
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gurmehar kaur
- फोटो : ट्विटर से
गुरमेहर कौर कारगिल युद्ध में शहीद हुए कैप्टन मंदीप सिंह की बेटी हैं। वे पंजाब की रहने वाली हैं और इसकी मां रविंद्र कौर पंजाब सरकार के एक्साइज और टैक्सेशन डिपार्टमेंट में काम करती हैं। गुरमेहर का जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ। उनकी स्कूली शिक्षा जालंधर कैंट स्थित सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल से हुई। आजकल वे दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज में लिटरेचर की पढ़ाई कर रही हैं।
पता चला है कि गुरमेहर तब महज दो साल की थीं, जब उनके पिता कैप्टन मनदीप सिंह आतंकियों का सामना करते हुए देश के लिए शहीद हो गए थे। बात 1999 की है जब पाक घुसपैठियों ने जम्मू में राष्ट्रीय रायफल्स के कैंप पर हमला कर दिया था। गुरमेहर के पिता अमनदीप सिंह अपने कैंप के बचाने के लिए आतंकियों के सामने दीवार बन के खड़े हो गए। गोलीबारी में आखिर अमनदीप शहीद हो गए। अमनदीप के साथ छह जवान भी इस मुठभेड़ में शहीद हो गए।
मनदीप सिंह ने 1991 में सेना में अपनी नौकरी शुरु की थी। उनकी पहली नियुक्ति एयर डिफेंस की 49वीं बटालियन में हुई थी। पांच अगस्त की आधीरात घुसपैठियों ने कुपवाड़ा के चक गांव पर हमला कर दिया। उस गांव के ही नजदीक कैप्टन मनदीप सिंह की बटालियन का डेरा था। घुसपैठियों ने उनकी बटालियन पर हमला कर दिया। आतंकियों से मुकाबले के दौरान कैप्टन मनदीप के बाएं हिस्से में गोली लगी जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
गुरमेहर कौर को लेकर छिड़े विवाद के पीछे रामजस कॉलेज में हुई AISA और ABVP के छात्रों का झगड़ा है। जिसे लेकर गुरमेहर ने ABVP के खिलाफ सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ दी। गुरमेहर कौर 22 फरवरी को अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर एक फोटो पोस्ट की। फोटो में गुरमेरहर के हाथ में एक कागज है। जिस पर उसने लिखा है, ''मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ती हूं। ABVP से नहीं डरती। मैं अकेली नहीं हूं। भारत का हर स्टूडेंट मेरे साथ है।