{"_id":"6038ffd88ebc3e1dcd5a9a96","slug":"know-about-historical-sacred-fig-tree-of-shri-mata-mansa-devi-mandir-of-panchkula","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"350 वर्ष पुराना है पीपल का यह वृक्ष, मान्यता ऐसी कि धागा बांधने से पूरी होती है हर मुराद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
350 वर्ष पुराना है पीपल का यह वृक्ष, मान्यता ऐसी कि धागा बांधने से पूरी होती है हर मुराद
हरियाणा के पंचकूला स्थित प्रसिद्ध श्री माता मनसा देवी मंदिर के प्रांगण में एक ऐतिहासिक पीपल का वृक्ष है। ऐसी मान्यता है कि इस वृक्ष पर बांधा गया कामना सूत्र मुराद को पूरी करता है। यह वृक्ष करीब साढ़े तीन सौ वर्ष पुराना है। जिसको बचाने के लिए श्री माता मनसा देवी ट्रस्ट ने कई उपाय भी किए हैं। श्री माता मनसा देवी मंदिर में यह वृक्ष देवी मां की प्रतिमा के ठीक सामने लगा। वृक्ष पर रोजाना करीब तीन सौ श्रद्धालु कामना सूत्र बांधकर जाते हैं। ऐसे ही एक कामना सूत्र बांधने वाले श्रद्धालु रजनीश ने बताया कि उन्होंने अपना नया बिजनेस शुरू किया है और उस बिजनेस की सफलता के लिए यहां धागा बांधा है। वहीं यहां आईं निशा ने बताया कि उन्होंने नौकरी के लिए धागा बांधा है।
2 of 5
ऐतिहासिक पीपल का वृक्ष।
श्री माता मनसा देवी मंदिर के पदाधिकारी रह चुके वीजी गोयल ने बताया कि यह पेड़ करीब साढ़े तीन सौ वर्ष पुराना है। जब यहां मंदिर का निर्माण होने लगा तो कुछ लोगों ने इस वृक्ष को हटाने की बात कही लेकिन उन्होंने इसको हटाने नहीं दिया। वृक्ष के लिए कंक्रीट की दो दीवार बनाई गईं हैं और उसके बाद इसे एक नया सहारा मिला है।
3 of 5
ऐतिहासिक पीपल का वृक्ष।
उन्होंने बताया कि लोगों में मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मुराद अवश्य पूरी होती है। श्री माता मनसा देवी मंदिर में नवरात्र के समय इस पेड़ की परिक्रमा करने वालों का तांता लगा रहता है और इसके साथ ही वृक्ष पर चुनरी और धागे बांधने के लिए लोग जुटते हैं। कई बार तो यहां इतनी ज्यादा भीड़ होती है कि धागा बांधने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
ऐतिहासिक पीपल का वृक्ष।
बता दें कि श्री माता मनसा देवी मंदिर का इतिहास बड़ा ही प्रभावशाली है। श्री माता मनसा देवी मंदिर में चैत्र और आश्विन मास के नवरात्रों में मेला लगता है। जिसके चलते यहां लाखों की तादाद में श्रद्धालु आते हैं। यहां लोग माता से अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए आशीर्वाद लेते हैं। माना जाता है कि श्री माता मनसा देवी से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
विज्ञापन
5 of 5
श्री माता मनसा देवी मंदिर।
मंदिर तक आती थी तीन किमी लंबी गुफा
कहा जाता है कि जिस जगह पर आज श्री माता मनसा देवी का मंदिर है, यहां पर सती माता के मस्तक का आगे का हिस्सा गिरा था। मनसा देवी का मंदिर पहले मां सती के मंदिर के नाम से जाना जाता था। मान्यता है कि मनीमाजरा के राजा गोपालदास ने अपने किले से मंदिर तक एक गुफा बनाई थी, जो लगभग तीन किलोमीटर लंबी थी। वे रोज इसी गुफा से मां सती के दर्शन के लिए अपनी रानी के साथ आते थे। जब तक राजा दर्शन नहीं नहीं करते थे, तब तक मंदिर के कपाट नहीं खुलते थे।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।