फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Photos: हाइवे पर चटाई डालकर 5 घंटे बैठे रहे किसान, लोग होते रहे परेशान

Thu, 11 May 2017 09:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब) Updated Thu, 11 May 2017 09:11 AM IST
विज्ञापन
Kissan union blocked bathinda mansa highway, punjab news
किसानोें ने बठिंडा-मानसा रोड किया 5 घंटे जाम
भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के नेतृत्व में किसानों ने बुधवार को बठिंडा-मानसा रोड पर 5 घंटे ओवरब्रिज पर धरना देकर चक्का जाम कर दिया। यह प्रदर्शन मई दिवस पर आयोजित एक रैली में किसान मुख्तयार सिंह की मौत मामले में मुआवजा लेने व अन्य मांगों की पूर्ति के लिए किया गया।
Kissan union blocked bathinda mansa highway, punjab news
किसानोें ने बठिंडा-मानसा रोड किया 5 घंटे जाम
दोपहर 2 बजे से देर शाम 7 बजे धरना जारी रहा। किसान नेताओं शिंगारा सिंह मान, मोठू सिंह कोटड़ा ने कहा कि जब तक मृतक किसान के परिवार को 10 लाख मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और परिवार का सारा कर्ज माफ नहीं किया जाता तब तक संघर्ष जारी रखा जाएगा। 
Kissan union blocked bathinda mansa highway, punjab news
किसानोें ने बठिंडा-मानसा रोड किया 5 घंटे जाम
हालांकि किसानों ने लंबे समय तक सड़क जाम करके प्रदर्शन किया, लेकिन जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की सुध नहीं ली और कोई अधिकारी किसानों के साथ बातचीत करने नहीं पहुंचा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Kissan union blocked bathinda mansa highway, punjab news
किसानोें ने बठिंडा-मानसा रोड किया 5 घंटे जाम
10 दिनों से नहीं हो सका पोस्टमार्टम
मामले को लेकर चल रहे संघर्ष से मृतक किसान का मौत के 10 दिनों बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हो सका। यूनियन नेताओं का कहना है कि उन्होंने एक हफ्ते पहले ही जिला प्रशासन को मांगों से अवगत करवा दिया था। इसके साथ ही प्रशासन को मांगें पूरी होने के बाद ही पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार करवाने की सूचना भी दी गई थी। 
 
विज्ञापन
Kissan union blocked bathinda mansa highway, punjab news
किसानोें ने बठिंडा-मानसा रोड किया 5 घंटे जाम
वहीं जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस वजह से 10 दिनों बाद भी मृतक किसान मुख्तयार सिंह का पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया। किसानों ने कहा कि अगर प्रशासन समय पर किसानों की मांगें मान लेता को मृतक के शव की इस प्रकार बेकद्री न होती। हालांकि प्रशासन 5 लाख रुपये मुआवजा देने की बात पर सहमत हो गया था लेकिन यूनियन 10 लाख रुपये मुआवजे पर अड़ी हुई है।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed