हमने बेटा खोया है, लेकिन आखिर कब तक माएं अपने बेटों को खोती रहेंगी, अब समय आ गया है कि आतंकियों को सबक सिखाया जाए...
ये शब्द हैं एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में शहीद हुए सैनिक परगट सिंह की मां के। हरियाणा के करनाल का वीर सपूत सैनिक परगट सिंह का रविवार शाम पैतृक गांव रंबा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद की अंतिम यात्रा में जन सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी।
बेटे परगट सिंह की शहादत पर पिता रत्न सिंह और माता सुखविंद्र कौर ने कहा कि उन्हें बेटे पर नाज है कि वह देश के काम आया। बिलखते हुए उन्होंने कहा कि मोदी साहब, देश के जवान किसी भी कीमत पर शहीद नहीं होने चाहिए, मरने चाहिए तो आतंकवादी। हमने बेटा खोया है, लेकिन आखिर कब तक माएं अपने बेटों को खोती रहेंगी, अब समय आ गया है कि आतंकियों को सबक सिखाया जाए।
दोनों ने एक सुर में कहा कि देश की सरकार को पाकिस्तान के मामले में कड़ा एक्शन लेना चाहिए। हम बेटे के बिना सब्र कर लेंगे, लेकिन किसी और का बेटा इस प्रकार न जाए, इसलिए पाक के खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाए। पिता रतन सिंह कहते हैं कि हमें तब ठंडक मिलेगी जब मेरे बेटे की मौत के बदले हमारी सरकार पाक के 10 आतंकियों को मार गिराएगी।
सरकार एक्शन लेती तो आज मेरे ये हालात नहीं होते : पत्नी
शहीद परगट सिंह की पत्नी रमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान द्वारा की गई कायराना हरकत पर रूंदे स्वर में कहा कि उसे पति की बहादुरी व शहादत पर गर्व है। लेकिन सवाल ये है कि आखिर सरकार कर क्या रही है, हर रोज सीमा पर सैनिक शहीद हो रहे हैं, हर बार पाकिस्तान सीजफायर का उल्लंघन करता है, लेकिन हमारी सरकार क्या कर रही है। अगर सरकार कुछ करती तो आज मेरे ये हालात नहीं होते। आखिर कब तक देश के जवान शहीद होते रहेंगे, ये सिलसिला कब थमेगा।