आईएसआई और पाकिस्तान का जासूस बने भारतीय युवक की फेसबुक फ्रेंड अमिता आहलूवालिया सामने आई है, जिसने ऐसे खुलासे किए हैं, यकीं नहीं कर पाएंगे।
मामले में वीरवार की देर रात चौंकाने वाली बात सामने आई। गौरव से कथित तौर पर जासूसी कराने वाली महिला का पुलिस चार दिन बीतने के बाद भी पता नहीं लगा सकी। लेकिन अमर उजाला उससे संपर्क करने में कामयाब रहा। महिला ने वीरवार को अमर उजाला कार्यालय में कॉल कर अपनी बात रखी। महिला ने बताया कि वह आईएसआई एजेंट नहीं है बल्कि दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता है। उसे फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।
सोनीपत के गन्नौर निवासी गौरव को सिविल थाना पुलिस ने बीती 15 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। गौरव पर आईएसआई एजेंट को गोपनीय जानकारी भेजने का आरोप था। पुलिस ने खुलासा किया था कि गौरव महिला आईएसआई एजेंट के संपर्क में था तथा उसे व्हाट्सएप व फेसबुक के माध्यम से सेना से संबंधित जानकारियां भेज रहा था। पुलिस ने महिला की भी जांच शुरू कर दी। मगर उसे आरोपी नहीं बनाया गया।
चार दिन बीतने के बाद भी महिला का फेसबुक एकाउंट और व्हाट्सएप नंबर होने के बावजूद उस तक नहीं पहुंच सकी। सिविल थाना इंचार्ज ने जल्द महिला का पता लगाने का दावा किया था। अमर उजाला कार्यालय में वीरवार की देर शाम करीब पौने नौ बजे एक महिला की कॉल आई। कॉल करने वाली ने खुद को गौरव से चैट करने वाली महिला बताया। महिला ने कहा गौरव से फेसबुक पर चैट करती थी। मगर वह पाकिस्तान की आईएसआई एजेंट नहीं है।
महिला ने कहा कि उसका मायका चंडीगढ़ में है और वह साउथ दिल्ली में रहती है। उसकी उम्र करीब 65 साल है। वह दिल्ली की एक सामाजिक संगठन की भी सदस्य है। करीब तीन माह पूर्व ही फेसबुक पर उसकी मुलाकात हरियाणा के गौरव से हुई थी। गौरव ने उससे तीन हजार रुपये भी मांगे थे मगर उसने देने से इनकार कर दिया था। पुलिस और आरोपी गौरव उसे फंसाने का प्रयास कर रहा है। वह सामाजिक कार्यकर्ता है, न की कोई आईएसआई एजेंट।