भारतीय सेना के इतिहास का सबसे टफ ऑपरेशन वो था, जिसमें दुश्मन देश पाकिस्तान को नाको चने तो चबवाये गए, लेकिन उसके मंसूबे बेहद खतरनाक थे।
ऑपरेशन टाइगर हिलः पाकिस्तान लद्दाख को पीओके में मिलाना चाहता था, इसके लिए 1999 में पाकिस्तान ने एलओसी पार कर द्रास सेक्टर में टाइगर हिल पर कब्जा करने की कोशिश की। वह इस चोटी पर बहुत मजबूत स्थिति में कायम था और यहीं से लद्दाख वैली को हिंदुस्तान से काट देना चाहता था। यदि ऐसा हो जाता तो पीओके के अलावा कश्मीर का एक और बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में चला जाता।
लेकिन दो महीने के जद्दोजहद और 38 जवानों की शहादत के बाद इंडियन फोर्स ने पाक के इस नापाक मंसूबे को विफल किया। अमर उजाला से खास बातचीत में इस ऑपरेशन का हिस्सा रहे सेना के एक आला अफसर और तीन जवानों ने कहा कि यह ऑपरेशन बहुत कठिन था, जिसे पूरा करने के लिए खास प्लानिंग तैयार की गई थी। कारगिल के इस युद्ध में टाइगर हिल ऐसी चोटी थी, जिस पर पाकिस्तान काफी मजबूत और पूरी प्लानिंग के साथ काबिज था।
इस चोटी से पाक सेना 20 किमी के दायरे में कहीं भी जबरदस्त टारगेटेड गोलाबारी कर सकती थी। नेशनल हाईवे नंबर 1-ए भी इसी चोटी के पास से ही गुजरता है और यही रास्ता लद्दाख को भी जाता है। चूंकि यह रास्ता सर्दियों में अत्यधिक बर्फ की वजह से बंद हो जाता है। इसलिए लद्दाख में तैनात सेना की रसद सामग्री गर्मियों में ही पहुंचा दी जाती है।
पाक की प्लानिंग, एनएच-1 की सप्लाई काट दो
लेकिन पाक की प्लानिंग थी कि टाइगर हिल से नेशनल हाइवे नंबर 1 की सप्लाई लद्दाख से काट दी जाए। उसके बाद लद्दाख हिंदुस्तान से अलग हो जाएगा और पाकिस्तान उस पर अपना कब्जा करने में कामयाब हो जाएगा। इसी प्लानिंग के चलते मई 1999 से महीनों पहले ही पाक सेना ने टाइगर हिल पर अपनी नफरी बढ़ानी शुरू कर दी थी और मई से ही उसने एनएच-1 पर जबरदस्त गोलाबारी कर इंडियन फोर्स की मुश्किलें बढ़ा दी थी।