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भारतीय सेना के इस चक्रव्यूह को भेदना नामुमकिन, तो अब खैर मनाएं आतंकी और घुसपैठिये
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 07 Sep 2018 04:01 PM IST
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भारतीय सेना
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देश में फैल रहे आतंक और उग्रवाद के खिलाफ भारतीय सेना एक ऐसा चक्रव्यूह रचने जा रही है, जिसे भेदना किसी के बस की बात नहीं होगी। आतंकी नेस्तनाबूत हो जाएंगे...
भारतीय सेना
दरअसल, भारतीय सेना और थाईलैंड की शाही सेना ने मिलकर एक खास रणनीति तैयार की है। इसके लिए बाकायदा दोनों सेनाओं ने थाइलैंड में ज्वाइंट एक्शन प्रेक्टिस भी की है। दोनों सेनाओं की ये ज्वाइंट प्रेक्टिस आतंकवाद और उग्रवाद निरोधन कार्यवाहियों पर फोकस रही। रणनीति के तहत दोनों सेनाओं ने थाईलैंड के चाचोएंगसाओ प्राविन्स में ज्वाइंट एक्शन प्रेक्टिस भी की। इस प्रेक्टिस में कुल 95 जवानों-अफसरों ने भागीदारी की थी, जिसमें से इंडियन आर्मी के 45 और थाईलैंड की शाही सेना के 50 सदस्य शामिल हैं।
भारतीय सेना
यह ज्वाइंट प्रेक्टिस शहरी, ग्रामीण और जंगली इलाकों में की गई। इसमें आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने का अभ्यास भी किया गया। दोनों ही सेनाओं ने इस दौरान आतंकवाद से निपटने के लिए अपने-अपने अनुभव व अपनी दक्षता भी सांझा की। साथ ही दोनों सेनाओं ने इस मिशन में अपनी योग्यता और तकनीक का भी आदान-प्रदान किया। इस प्रेक्टिस में अलग-अलग इलाकों में आतंकी हमलों से निपटने के लिए मॉकड्रिल भी की गई।
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ढाई साल में आतंक की भेंट चढ़े 205 जवान, 71 लोग
स्थिति देखें तो देश में आतंकियों ने इस वक्त हमारे भारतीय जवानों को निशाने पर लिया हुआ है। जनवरी 2018 से जून तक घाटी में 256 आतंकी घटनाएं हुईं, जिसमें 16 नागरिक मारे गए और 43 जवान शहीद हुए। सुरक्षाबलों से मुठभेड़ के दौरान 100 आतंकियों को भी मार गिराया गया। इसी तरह वर्ष 2017 में घाटी में 342 आतंकी घटनाएं हुईं थीं, जिसमें सेना और पुलिस के 80 जवान शहीद हुए थे, 40 आम नागरिक मारे गए थे और 213 आतंकियों को मुठभेड़ में ढेर किया गया था। वर्ष 2016 में 322 आतंकी घटनाओं में 150 आतंकी मुठभेड़ में मारे गए, 82 जवान शहीद हुए और 15 आम नागरिकों की मौत हुई।
स्थिति देखें तो देश में आतंकियों ने इस वक्त हमारे भारतीय जवानों को निशाने पर लिया हुआ है। जनवरी 2018 से जून तक घाटी में 256 आतंकी घटनाएं हुईं, जिसमें 16 नागरिक मारे गए और 43 जवान शहीद हुए। सुरक्षाबलों से मुठभेड़ के दौरान 100 आतंकियों को भी मार गिराया गया। इसी तरह वर्ष 2017 में घाटी में 342 आतंकी घटनाएं हुईं थीं, जिसमें सेना और पुलिस के 80 जवान शहीद हुए थे, 40 आम नागरिक मारे गए थे और 213 आतंकियों को मुठभेड़ में ढेर किया गया था। वर्ष 2016 में 322 आतंकी घटनाओं में 150 आतंकी मुठभेड़ में मारे गए, 82 जवान शहीद हुए और 15 आम नागरिकों की मौत हुई।
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आतंक के खिलाफ अघोषित युद्ध लड़ रही सेना
थाईलैंड की शाही सेना और भारतीय सेना ने आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के लिए जो ज्वाइंट एक्शन प्रेक्टिस कर रणनीति बनाई है, वो भारत के लिए बहुत कारगर साबित होगी। कारण यह है कि इस वक्त भारतीय सेना घाटी में आतंकवादियों के खिलाफ एक अघोषित युद्ध लड़ रही है। आए दिन भारतीय जवानों की मुठभेड़ आतंकियों से हो रही है। घाटी के घने जंगलों का सहारा लेते हुए ये आतंकी इन घने जंगलों में अपने आतंकी कैंप भी चला रहे हैं। उधर, आतंकियों के निशाने पर देश के कई शहरी इलाके भी रहते हैं। ये आतंकी इन शहरों में दहशतगर्दी का माहौल बनाने को आमादा रहते हैं।
थाईलैंड की शाही सेना और भारतीय सेना ने आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के लिए जो ज्वाइंट एक्शन प्रेक्टिस कर रणनीति बनाई है, वो भारत के लिए बहुत कारगर साबित होगी। कारण यह है कि इस वक्त भारतीय सेना घाटी में आतंकवादियों के खिलाफ एक अघोषित युद्ध लड़ रही है। आए दिन भारतीय जवानों की मुठभेड़ आतंकियों से हो रही है। घाटी के घने जंगलों का सहारा लेते हुए ये आतंकी इन घने जंगलों में अपने आतंकी कैंप भी चला रहे हैं। उधर, आतंकियों के निशाने पर देश के कई शहरी इलाके भी रहते हैं। ये आतंकी इन शहरों में दहशतगर्दी का माहौल बनाने को आमादा रहते हैं।