जम्मू में शहीद गुरसेवक के अंतिम संस्कार में उस समय मातम गहरा गया, जब मौके पर उनकी मंगेतर पहुंच गई। वहीं, गुरसेवक के भाई ने बड़ा ऐलान कर दिया।
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शहीद गुरसेवक सिंह का अंतिम संस्कार
शहीद गुरसेवक के चचेरे भाई जोरावर सिंह ने कहा कि वह आर्मी ज्वाइन कर शहीद भाई गुरसेवक सिंह की मौत का बदला आतंकियों घुसपैठियों को मार कर लेगा। वहीं, पिता का कहना है कि सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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शहीद गुरसेवक सिंह का अंतिम संस्कार
शहीद गुरसेवक का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव वराणा में किया गया। सवेरे साढ़े 10 बजे उनका शव गांव पहुंचा। उसके बाद परिजनों और लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए। करीब 11 बजे उन्हें पंचतत्व में विलीन कर दिया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग, सेना के अधिकारी और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। शहीद को पिता ने मुखग्नि दी।
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शहीद गुरसेवक सिंह का अंतिम संस्कार
इस दौरान मौजूद लोगों की आंखों में जहां गुरसेवक सिंह के छोड़कर चले जाने का दुख था, वहीं पाकिस्तान की नापाक हरकत को लेकर गुस्सा भी। पिता बलविंदर सिंह भले ही पुत्र की शहादत की खबर के बाद आंखों से आंसू बहा रहा था, लेकिन बार-बार गर्व से ये कह रहा था कि देश-कौम दे लेखे लग्ग गिया ऐ अज्ज मेरा गुरसेवक।
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शहीद गुरसेवक सिंह का अंतिम संस्कार
शहीद गुरसेवक का अंतिम संस्कार सरकारी सम्मान के साथ किया गया। इससे पहले कर्नल सबुद्ध गुरंग, 22 सिख रेजीमैंट के ऑनरेरी लेफ्टीनैंट दविंदर सिंह, डीसी बलविंदर सिंह धालीवाल, एसएसपी एमके शर्मा सहित नाईब सूबेदार कवलजीत सिंह, नाइब सूबेदार गुरसेवक सिंह, रिटायर करनल अमरबीर सिंह चाहल, राजनीतिक व धार्मिक नेताओं ने श्रद्धाजंलि अर्पित की।