अभी शादी नहीं हुई थी, इसलिए मां ने माथे पर सेहरा और कलगी सजाकर 20 वर्षीय शहीद बेटे को अंतिम विदाई दी। शवयात्रा निकलने से पहले उसने बेटे को सेल्यूट करके कहा, शहादत पर गर्व करती हूं, शत शत नमन, देखिए तस्वीरें।
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शहीद को अंतिम विदाई
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय सेना की 7 डोगरा रेजीमेंट के 20 वर्षीय सिपाही सौरभ कुमार चंडी मंदिर पोस्ट पर ड्यूटी के दौरान हादसे में शहीद हो गए। रविवार देर शाम को तिरंगे में लिपटी उनकी पार्थिव देह को चंडी मंदिर से मिलट्री अस्पताल पठानकोट लाई गई, जहां रात रखने के बाद सोमवार को पार्थिव शरीर पैतृक गांव पठानकोट जिले के गांव भटोआ ले जाई गई। वहां पूरे सैन्य सम्मान से शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
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शहीद को अंतिम विदाई
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तिरंगे में लिपटी शहीद सौरभ कुमार की पार्थिव शरीर जब गांव भटोआ पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। इकलौते बेटे का पार्थिव शरीर देखकर मां बदहवास हो गई। जैसे-तैसे खुद को संभाला और फिर शहीद बेटे के माथे पर सेहरा-कलगी सजाया। बहन डिंपल ने भी भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसे अंतिम विदाई दी तो यह दृश्य देखने वाले हर शख्स की आंख नम हो गई।
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शहीद को अंतिम विदाई
- फोटो : अमर उजाला
शहीद सौरभ कुमार को उनके चाचा अर्जुन कुमार ने मुखाग्नि दी। शहीद सिपाही सौरभ कुमार के पिता अश्विनी कुमार ने बताया कि सौरभ 13 मई को चंडी मंदिर स्थित अपनी यूनिट के टॉवर पोस्ट पर ड्यूटी दे रहे थे कि अचानक उनका पांव फिसल गया और वह काफी ऊंचाई से नीचे गिरा। सिर पर गंभीर चोट लगने से वह कोमा में था और 10 दिन सैन्य अस्पताल में इलाज चला। 23 मई सौरभ में अंतिम सांस ली।
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21 सब एरिया कमांडर की ओर से एसएससी की 5371 बटालियन के नायब सूबेदार वाघ डीटी, शहीद की यूनिट 7 डोगरा के कमांडर कर्नल एस जचारिया की तरफ से नायब सूबेदार लछबीर सिंह, विधायक जोगिंदर पाल, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचि वकुंवर रविंदर विक्की ने सलामी दी। विधायक जोगिंदर पाल ने कहा कि शहादत का मोल कोई सरकार नहीं चुका सकती। शहीद के नाम पर गांव में यादगिरी गेट का निर्माण कराया जाएगा।