सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ में रविवार सुबह से ही रुक-रुक कर बरसात हो रही है। कभी बारिश कम हो जाती है तो कभी जोर पकड़ रही है। सुबह से हो रही बरसात के चलते सड़कों पर पानी जमा लगा है। सुबह से हो रही बारिश से मौसम सुहावना बना हुआ है। वहीं मौसम विभाग ने चंडीगढ़ समेत पंजाब में अगले 24 से 36 घंटे के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं लोगों से भी एहतियात बरतने की अपील की गई है।
Rain in Chandigarh: सिटी ब्यूटीफुल में झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, अगले 36 घंटे सतर्क रहें
चंडीगढ़ में सुबह से बारिश हो रही है। वहीं मौसम विभाग ने अगले 24 से 36 घंटों के लिए तेज बारिश का भी अलर्ट जारी किया है।
16 घंटे बाद बंद हुआ सुखना का फ्लड गेट
पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण सुखना लेक का जलस्तर बढ़ने के बाद खोला गया फ्लड गेट करीब 16 घंटे बाद शनिवार दोपहर 3 बजे बंद कर दिया गया। शुक्रवार रात 11 बजे झील का जलस्तर 1163.30 फीट तक पहुंचने के बाद एहतियातन एक फ्लड गेट खोला गया था। स्थिति को देखते हुए डीसी निशांत यादव ने एनडीआरएफ की टीमों को सुखना चो से घग्गर तक बरसाती नालों के किनारे बसे लोगों को हटाने के निर्देश दिए। एनडीआरएफ ने मौके का मुआयना किया और प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी। उधर, किशनगढ़ पुल की एक तरफ की जाली 29 अगस्त को बह गई थी। इसे प्रशासन ने अभी नहीं लगाई है जिससे पुल से गुजरना खतरनाक हो गया है। स्थानीय निवासी उमेश ने बताया कि रात में यहां लाइट भी नहीं जलती।
किशनगढ़ पुल पर सफर करना खतरनाक
किशनगढ़ पुल पर लगी एक तरफ की जाली तेज बहाव के कारण 29 अगस्त को बह गई थी। अब तक प्रशासन ने नई जाली नहीं लगाई है, जिससे पुल से गुजरना खतरनाक हो गया है। स्थानीय निवासी उमेश ने बताया कि रात में यहां लाइट भी नहीं जलती, ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि यहां के लोगों की सुरक्षा के लिए जल्द से जल्द जाली लगाई जाए।
चीफ इंजीनियर ने किशनगढ़, बापूधाम में नुकसान का जायजा लिया
सुखना लेक का जलस्तर बढ़ने और बार-बार फ्लड गेट खोले जाने के बाद चंडीगढ़ के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने शनिवार को लेक और आसपास के प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने किशनगढ़, बापूधाम, मनीमाजरा, रायपुरकलां और लेक के अन्य हिस्सों में हुए नुकसान का जायजा लिया।
चीफ इंजीनियर ने बापूधाम के पास आईटी पार्क और मनीमाजरा को जाने वाले रास्ते पर पानी के तेज बहाव से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बापूधाम से आईटी पार्क और मनीमाजरा को जोड़ने के लिए एक नया ओवरब्रिज बनाया जा रहा है जिसका काम जल्द ही पूरा हो जाएगा। इससे लोगों को आने-जाने में सुविधा होगी। चीफ इंजीनियर ने बताया कि लगातार बारिश और सुखना लेक से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बावजूद किसी भी क्षेत्र में बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, कुछ जगहों पर मामूली क्षति हुई है, जिसे ठीक करने का काम तुरंत शुरू कर दिया गया है।
24 घंटे निगरानी जारी
चीफ इंजीनियर व अन्य अधिकारियों ने सुखना लेक पर बने कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहता है और लेक के जलस्तर की निगरानी करता है। यह पंजाब और हरियाणा सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करता है ताकि किसी भी बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।