मिलिए, उन जांबाज युवाओं से, जो भारतीय सेना में बने लेफ्टिनेंट
आइए आपको मिलाते हैं, करनाल और चंडीगढ़ के उन जांबाज युवाओं से, जो अंतिम बाधा पार कर भारतीय सेनाओं का हिस्सा बन गए। जानिए, संघर्ष की कहानी।
मिलिए, उन जांबाज युवाओं से, जो भारतीय सेना में बने लेफ्टिनेंट
उत्तराखंड के देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड में करनाल के टैगोर बाल निकेतन स्कूल के पूर्व छात्र पंकज सिंह भी परेड पास आउट कर भारतीय सेना का हिस्सा बने। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों के साथ-साथ विद्यालय और जिले में खुशी मनाई गई।
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विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजन लांबा ने कहा कि हमें अपने छात्र पर नाज है। उसे भारतीय सेना की जो जिम्मेवारी मिली है वह उसे बखूबी निभाएगा। उन्होंने बताया कि पंकज सिंह की इस उपलब्धि पर विद्यालय स्टाफ में खुशी की लहर है।
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डॉ. राजन लांबा ने कहा कि पंकज की उपलब्धि से सीख लेकर अन्य विद्यार्थी भी इसी तरह मेहनत करके विद्यालय का गौरव बढ़ाएंगे। विद्यालय के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट पंकज की इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. लांबा ने लेफ्टिनेंट के पिता अजमेर सिंह और माता सरोज बाला को बधाई दी।
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चंडीगढ़ के सेक्टर-43 निवासी हर्षित कोहली ने कंप्यूटर साइंस में बीई किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सेना की राह चुनी। सीडीएस के जरिए भारतीय सैन्य अकादमी में एंट्री पाई। हर्षित के पिता राजकुमार कोहली सरकारी बैंक में नौकरी करते हैं, जबकि मां ललिता कोहली शिक्षिका हैं।