पति की अस्थियां इकट्ठी करने के लिए गई तो वहां देखा कुछ ऐसा, जिसे देखकर महिला के होश उड़ गए। लोगों की आंखें भी फटी रही गई, आपको भी यकीं न होगा।
मामला चंडीगढ़ का है। सेक्टर-25 के श्मशान घाट में एक बड़ी लापरवाही का मामला मंगलवार सुबह सामने आया। सेक्टर-22 निवासी यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट से सेवानिवृत्त हुईं नीरू कपूर पति की अस्थियां लेने वहां पहुंचीं। जिस लॉकर में उन्होंने अस्थियां रखीं, उसे खुला देखकर वह दंग रह गईं।
नीरू ने श्मशान घाट के सभी पंडितों से बातचीत कर उन्हें बताया कि लॉकर नंबर-14 में उन्होंने पति सुरेश कपूर की अस्थियां रखी थीं, लेकिन उसका ताला खुला और अस्थियां गायब हैं। कोई भी पंडित व अन्य उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। नीरू कपूर ने सेक्टर-24 पुलिस से पति की अस्थियां गायब होने की शिकायत की तो चौकी इंचार्ज एसआई रोहताश कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने श्मशान घाट के सभी पंडितों व अन्यों से पूछताछ की।
साथ ही उस रजिस्टर को भी जांचा, जिसमें अस्थियां ले जाने वाले लोगों की एंट्री दर्ज की जाती है। इससे पता लगा कि बीती 4 तारीख को लॉकर नंबर-14 से डड्डूमाजरा कॉलोनी निवासी एक बैंक के असिस्टेंट मैनेजर नंद किशोर अस्थियां ले गए हैं। लेकिन उनके शहर से बाहर होने के चलते पुलिस ने उनके भाई चतर सेन से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि नंद किशोर के घर उनकी ताई रहती थी और वह उक्त लॉकर नंबर से ताई की अस्थियां निकाल उन्हें प्रवाहित करने गए हैं।
नंद किशोर की चाबी से खुला लॉकर नंबर-14
पुलिस जांच में पता लगा कि नंद किशोर ने बीती 4 तारीख को लॉकर नंबर-14 को चाबी लगाई तो वह खुल गया। फिर वह अस्थियों को प्रवाहित करने के लिए ले गए। जबकि नीरू कपूर ने भी लॉकर नंबर-14 में उनके पति की अस्थियां रखे होने का दावा किया है।