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राजधानी से भी तेज दौड़ेगी ये ट्रेन, कोच बनकर तैयार, देखिए 10 खासियतें
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 18 Jun 2016 10:07 AM IST
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हमसफर कोच
- फोटो : amar ujala
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मोदी सरकार के सपनों की ट्रेन अब हकीकत में लोगों के सामने आ गई है। कपूरथला में कोच बनकर तैयार हैं। ये ट्रेन राजधानी से भी तेज दौड़ेगी। देखिए, खासियतें।
हमसफर कोच
- फोटो : amar ujala
ट्रेन का नाम है हमसफर। रेल मंत्री सुरेश प्रभु के 2016-17 के बजट का महत्वाकांक्षी हमसफर कोच का पहला रैक नार्दर्न रेलवे को भेजा गया है। 'हमसफर कोच' अब 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ने को तैयार है। देश में फिलहाल 5 हमसफर ट्रेनें चलाई जाएंगी। एक कोच की कीमत करीब 2.5 करोड़ है।
हमसफर कोच
- फोटो : amar ujala
फुल एसी इस ट्रेन में दो पॉवर कार, 19 एसी 3 टियर के स्टेनलेस स्टील के कोच लगाए जाएंगे। हर कोच में नाइट लाइट के लिए एलईडी लाइटों का इस्तेमाल किया गया है। साइड बर्थ में मोबाइल फोन चार्जिंग सॉकेट लगाए गए हैं। टॉयलेट को और सुसज्जित करते हुए सोप डिस्पेंसर का प्रयोग किया गया है।
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हमसफर कोच
- फोटो : amar ujala
हमसफर कोच के सभी डिब्बों में दृष्टिहीन यात्रियों के लिए ब्रेल साइनेज इस्तेमाल में लाए गए हैं। राजधानी, शताब्दी व अन्य मेल एक्सप्रेस ट्रेनों से अलग करने के लिए इसे अलग कलर स्कीम से पेंट किया गया है। हमसफर में डिस्क ब्रेक यात्रियों को झटके नहीं लगने देगी। साइड सीट पर मोबाइल चार्चिंग की सुविधा है।
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हमसफर कोच
- फोटो : amar ujala
आरसीएफ महाप्रबंधक आरपी निबारिया ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में पांच रैकों का निर्माण होना है। पहले रैक का निर्माण अप्रैल में शुरू हुआ और जून मध्य में इसे रवाना कर दिया गया। लगभग ढाई माह में रैक बनकर तैयार हुआ है। रैक को रवाना करने से पहले महाप्रबंधक ने पूरी तरह से डिब्बों का निरीक्षण किया।