{"_id":"5a0d69b04f1c1bdb538bd8b7","slug":"history-of-chittorgarh-rani-padmavati-story-indian-queen-rani-padmini","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"'पद्मावती' पर बवाल, असली जड़ चित्तौड़गढ़, जानिए A to Z कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'पद्मावती' पर बवाल, असली जड़ चित्तौड़गढ़, जानिए A to Z कहानी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 30 Nov 2017 05:14 PM IST
विज्ञापन
पद्मावती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिस 'पद्मावती' को लेकर आजकल देश भर में बवाल हो रहा है, उसकी असली जड़ चित्तौड़गढ़ है। यह एक ऐसा इतिहास है, जिसके बारे में आपको जरूर पता होना चाहिए।
पद्मावती
- फोटो : SOCIAL MEDIA
बॉलीवुड निर्माता संजय लीला भंसाली ने खिलजी और पद्मावती को केंद्र में रखकर मूवी 'पद्मावती' बनाई। चित्तौड़ की रानी पद्मावती का किरदार एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने निभाया। मूवी में रानी पद्मावती को अलाउद्दीन खिलजी की प्रेमिका बताया जा रहा है। पद्मावती के साथ खिलजी के प्रेम-प्रसंग के दृश्यों को मूवी में दिखाए जाने की बात भी पता चली है। इसलिए फिल्म के कुछ हिस्सों को रानी पद्मावती का अपमान माना जा रहा है।
पद्मावती
- फोटो : self
मेवाड़ सहित देशभर से यह आवाज उठ रही है कि फिल्म में कुछ ऐसी बात शामिल की गई हैं, जो बेबुनियाद और तथ्यहीन हैं। अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में आए हरियाणा के खेल एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी मूवी पर विवाद को सही ठहराया और कहा कि 16000 सेविकाओं के साथ जौहर करने वाली पद्मावती को नाचते हुए दिखाना कहां की समझदारी है। अब सवाल ये है कि मूवी में जो कहानी दिखाई गई है, क्या वो असल में है? आइए हम बताते हैं असली कहानी क्या है...
विज्ञापन
विज्ञापन
पद्मावती
- फोटो : SOCIAL MEDIA
रानी पद्मावती को पद्मिनी के नाम से भी जाना जाता था। वे चित्तौड़गढ़ की रानी और राजा रतनसिंह की पत्नी थीं। इन्हें बेहद खूबसूरत माना जाता था। कहा जाता है कि खिलजी वंश का शासक अलाउद्दीन खिलजी पद्मावती को पाना चाहता था। रानी को जब ये पता चला तो उन्होंने कई दूसरी राजपूत महिलाओं के साथ जौहर कर लिया। उनके अनुसार दुश्मनों के हाथ लगने से बेहतर जौहर करना ही था।
विज्ञापन
दीपिका पादुकोण, पद्मावती
जौहर एक ऐसी प्रक्रिया है, जिनमें शाही महिलाएं अपने दुश्मन के साथ रहने की बजाय एक विशाल अग्निकुंड में कूदकर जान दे देती हैं। आज भी चित्तौड़ की महिलाओं के जौहर करने की बात को लोग गर्व से याद करते हैं, जिन्होंने दुश्मनों के साथ रहने की बजाय स्वयं को अग्नि को समर्पित करने की ठानी थी। 13वीं-14वीं सदी की महान भारतीय रानी पद्मिनी के साहस और बलिदान की गौरवगाथा इतिहास में अमर है।