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'बेटी कैसे पढ़े-कैसे बढ़े, जब स्कूल के रास्ते में ही ठेके खुलवा देती है सरकार'
ब्यूरो/अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
Updated Sat, 20 May 2017 09:40 AM IST
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rewari strike
- फोटो : File Photo
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'सरकार बेटी बचाने-बेटी पढ़ाने का नारा देती है। लेकिन सरकार के राज में स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं के रास्ते में शराब ठेके भी खुलवा देती है।'
रेवाड़ी
- फोटो : SELF
ये शब्द हरियाणा के रेवाड़ी की छात्रा सरिता के हैं, जो अन्य छात्रों के साथ हड़ताल पर बैठी थी। गोठड़ा ठप्पा डहीना के अपग्रेड स्कूल में शुक्रवार से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई शुरू हो गई। गांव की 13 बेटियों के अनशन के बाद सातवें दिन बुधवार को राजकीय हाई स्कूल को अपग्रेड कर 12वीं का दर्जा देने का नोटिफिकेशन जारी हुआ था। फैकल्टी पूरी नहीं होने के कारण औपचारिक कक्षाएं लग रही हैं।
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वर्तमान में दस बेटियों समेत बीस बच्चों ने इस सत्र के लिए 11वीं और 12वीं कक्षा की पढ़ाई शुरू कर दी है। अमर उजाला संवाददाता ने गोठड़ा ठप्पा डहीना स्कूल का दौरा कर छात्राओं से बातचीत की। छात्राओं का कहना है कि गोठड़ा ठप्पा डहीना गांव की बच्चियों ने तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव कंवाली के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल से आते और जाते समय छेड़खानी की शिकायत कर स्कूल अपग्रेड करने की मांग की थी।
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अनशन करती छात्राएं, सीएम मनोहर लाल
शुक्रवार को गांव के स्कूल में एक कक्षा में मुश्किल से 20 बच्चे थे। स्कूल के प्रधानाचार्य सतीश कुमार 11वीं के बच्चों को पढ़ा रहे थे। इनमें से बेटियों की संख्या महज पांच ही थी। बच्चों की कम संख्या के बारे में उनका कहना था कि करीब पांच स्टूडेंट्स और थीं। वे मध्यावकाश से चली गई हैं।
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समस्याओं के निस्तारण के लिए बीईओ को लिखा पत्र
स्कूल के प्रधानाचार्य सतीश कुमार ने बताया कि स्कूल अपग्रेड होने के बाद अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम के बच्चों को दाखिला देना है या नहीं। इसके अलावा अपग्रेड होने की स्थिति में स्कूल में पहले साल 11वीं कक्षा तक ही पढ़ाई होती है। इस मामले में क्या किया जाएगा। प्रधानाचार्य ने समस्याओं के निस्तारण के लिए पत्र लिखा है।
स्कूल के प्रधानाचार्य सतीश कुमार ने बताया कि स्कूल अपग्रेड होने के बाद अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम के बच्चों को दाखिला देना है या नहीं। इसके अलावा अपग्रेड होने की स्थिति में स्कूल में पहले साल 11वीं कक्षा तक ही पढ़ाई होती है। इस मामले में क्या किया जाएगा। प्रधानाचार्य ने समस्याओं के निस्तारण के लिए पत्र लिखा है।