इस खूबसूरत लड़की ने ऐसा काम किया है, जिसे सुनकर आप भी इस पर गर्व करेंगे। इस लड़की ने रेसलिंग में सबको ढेर कर दिया।
मूलरुप से पंजाब के अमृतसर की रहने वाली रुपिंदर कौर संधू ने पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना ली है। रुपिंदर ने सिडनी में हुई ऑस्ट्रेलियन रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता और 2018 में होने वाले गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अपनी दावेदारी भी पेश कर दी। संधू ने ये मेडल 48 किलोग्राम में हासिल किया।
वे इससे पहले 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में भी ऑस्ट्रेलिया की ओर से खेल चुकी हैं। तब उन्होंने 53 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया था और इस कैटेगरी में संधू कुछ खास नहीं कर सकी थी। संधू ने एसबीएस पंजाबी के साथ बात करते हुए कहा कि मेरा इस मेडल से पहले कोई प्लान नहीं था। लेकिन इस मेडल के साथ मैंने क्वालिफाई करने की पहली स्टेज पार कर ली है और अब मैं हर हाल में कॉमनवेल्थ गेम्स की टीम में जगह बनाना चाहूंगी।
रुपिंदर करीब 10 साल पहले पंजाब से ऑस्ट्रेलिया शिफ्ट हुई थीं। वहां जाकर उन्होंने गेम को जारी रखा और 2014 के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया। वे 48 किलोग्राम में खेलती थीं, लेकिन वजन 200 ग्राम अधिक होने के कारण संधू को 53 किलोग्राम में खेलने के लिए उतरना पड़ा। तैयारी के लिए वक्त नहीं था और वे कुछ खास नहीं कर सकीं। अब संधू अपनी मेन कैटेगरी 48 किग्रा में हिस्सा लेना है।
रुपिंदर ने 15 महीने पहले ही बेटी साहेब को जन्म दिया है और उसे छोड़कर रिंग में लौटना संधू के लिए आसान नहीं था। वे कहती हैं कि वो मेरी प्रेरणा है और मैंने इस मेडल के लिए दो साल बाद रिंग में वापसी की। यहां पर 150 रेसलर्स थे और उसमें चैंपियन बनकर काफी अच्छा लग रहा है।