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Chandigarh News: अक्तूबर में शुरू होगा पीयू-पीजीआई अंडरपास का काम, मरीजों-बुजुर्गों को नहीं पार करनी पड़ेगी सड़क
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी और पीजीआई के बीच गेट नंबर-1 पर बनने वाले शहर के पहले अंडरपास का इंतजार अब खत्म होने वाला है। बरसात का सीजन खत्म होने के बाद अक्तूबर से अंडरपास का निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। इसके सिविल वर्क के लिए लगाए गए 8.40 करोड़ के टेंडर में पांच कंपनियों ने हिस्सा लिया जिसमें आरके कंस्ट्रक्शन सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी (एल-1) रही है। टेंडर आवंटन के लिए मामला सेक्रेटरी इंजीनियर के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। मंजूरी के बाद कंपनी को बैंक गारंटी जमा करवानी होगी और फिर सीपी डिवीजन-2 की ओर से लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया जाएगा। कंपनी को अंडरपास का निर्माण 12 महीने में पूरा करना होगा।
पहले शिफ्ट होंगी सीवर और वाटर सप्लाई की मेन लाइनें
अंडरपास के निर्माण से पहले नगर निगम की ओर से इसके आगे से गुजर रही सीवर और वाटर सप्लाई की मेन लाइनों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए 68 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया है। टेंडर अलॉट होते ही कंपनी अगले माह से लाइनों को शिफ्ट करने का काम शुरू करेगी। दोनों मेन लाइनों को पीयू की दीवार के पास उपलब्ध करीब 15 फीट जगह में शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद पीजीआई की तरफ अंडरपास से हटकर नई लाइनें बिछाई जाएंगी। इसके बाद ही मुख्य निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
38 मीटर लंबा, 15 मीटर चौड़ा होगा अंडरपास
पीयू-पीजीआई गेट नंबर-1 पर बनने वाला अंडरपास 38 मीटर लंबा, 15 मीटर चौड़ा और करीब साढ़े तीन मीटर गहरा होगा। इसमें 12 दुकानें बनाई जाएंगी। दोनों तरफ दो-दो लिफ्ट और सीढ़ियों की सुविधा होगी। खास बात यह होगी कि मरीजों को व्हीलचेयर समेत उनके अटेंडेंट लिफ्ट के जरिये आसानी से आर-पार ले जा सकेंगे। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भी सड़क पार करने की परेशानी नहीं होगी। पीयू के विद्यार्थियों के लिए भी पीजीआई तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
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12.31 करोड़ रुपये आएगी पूरी परियोजना की लागत
प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने अंडरपास के निर्माण पर कुल 12.31 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है। इसमें सिविल वर्क के लिए 8.40 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया है। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल विंग की ओर से लिफ्ट, लाइटिंग और अंडरग्राउंड वायरिंग समेत अन्य काम करवाए जाएंगे। सिविल वर्क के टेंडर में गणेश कार्तिक, कृष्णा कंस्ट्रक्शन, आरके कंस्ट्रक्शन, नीरज मोहिन्द्रा और एसपीएस इंफ्रा ने हिस्सा लिया। तकनीकी रूप से योग्य कंपनियों की फाइनेंशियल बिड खोली गई जिसमें आरके कंस्ट्रक्शन एल-1 रही।
मरीजों को नहीं पार करनी पड़ेगी सड़क
पीयू-पीजीआई अंडरपास बनने के बाद पीजीआई में चेकअप और इलाज के लिए आने वाले मरीजों, खासकर बुजुर्गों और उनके अटेंडेंट को सड़क पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे लिफ्ट या सीढ़ियों के जरिये सीधे अंडरपास से पीजीआई की तरफ जा सकेंगे। मौजूदा समय में मरीजों और उनके अटेंडेंट को पीजीआई के सामने सड़क पार करनी पड़ती है। जल्दबाजी में यहां सड़क दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसी समस्या को देखते हुए तत्कालीन प्रशासक वीपी बदनौर ने पीयू-पीजीआई गेट नंबर-1 पर अंडरपास बनाने के प्रस्ताव को लेकर अधिकारियों को सर्वे के निर्देश दिए थे।
सेक्टर-17-22 अंडरपास में नहीं है लिफ्ट
शहर में फिलहाल सेक्टर-17 बस स्टैंड और सेक्टर-22 के बीच अंडरपास है। इसमें भी 12 दुकानें हैं लेकिन उनका आकार छोटा है। वहां दोनों तरफ सीढ़ियां हैं, लिफ्ट की सुविधा नहीं है। इस कारण बुजुर्गों, बीमार और चलने में असमर्थ लोगों को अंडरपास से निकलने में परेशानी होती है। पीयू-पीजीआई अंडरपास में लिफ्ट की सुविधा होने से मरीजों और बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या कहते हैं चीफ इंजीनियर
प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि पीयू-पीजीआई अंडरपास के 8.40 करोड़ रुपये के सिविल वर्क टेंडर में पांच कंपनियों ने हिस्सा लिया था। आरके कंस्ट्रक्शन एल-1 रही है। उसे टेंडर आवंटित किया जाएगा और कंपनी को 12 महीने में अंडरपास का निर्माण पूरा करना होगा।
पहले शिफ्ट होंगी सीवर और वाटर सप्लाई की मेन लाइनें
अंडरपास के निर्माण से पहले नगर निगम की ओर से इसके आगे से गुजर रही सीवर और वाटर सप्लाई की मेन लाइनों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए 68 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया है। टेंडर अलॉट होते ही कंपनी अगले माह से लाइनों को शिफ्ट करने का काम शुरू करेगी। दोनों मेन लाइनों को पीयू की दीवार के पास उपलब्ध करीब 15 फीट जगह में शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद पीजीआई की तरफ अंडरपास से हटकर नई लाइनें बिछाई जाएंगी। इसके बाद ही मुख्य निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
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38 मीटर लंबा, 15 मीटर चौड़ा होगा अंडरपास
पीयू-पीजीआई गेट नंबर-1 पर बनने वाला अंडरपास 38 मीटर लंबा, 15 मीटर चौड़ा और करीब साढ़े तीन मीटर गहरा होगा। इसमें 12 दुकानें बनाई जाएंगी। दोनों तरफ दो-दो लिफ्ट और सीढ़ियों की सुविधा होगी। खास बात यह होगी कि मरीजों को व्हीलचेयर समेत उनके अटेंडेंट लिफ्ट के जरिये आसानी से आर-पार ले जा सकेंगे। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भी सड़क पार करने की परेशानी नहीं होगी। पीयू के विद्यार्थियों के लिए भी पीजीआई तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
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12.31 करोड़ रुपये आएगी पूरी परियोजना की लागत
प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने अंडरपास के निर्माण पर कुल 12.31 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है। इसमें सिविल वर्क के लिए 8.40 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया है। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल विंग की ओर से लिफ्ट, लाइटिंग और अंडरग्राउंड वायरिंग समेत अन्य काम करवाए जाएंगे। सिविल वर्क के टेंडर में गणेश कार्तिक, कृष्णा कंस्ट्रक्शन, आरके कंस्ट्रक्शन, नीरज मोहिन्द्रा और एसपीएस इंफ्रा ने हिस्सा लिया। तकनीकी रूप से योग्य कंपनियों की फाइनेंशियल बिड खोली गई जिसमें आरके कंस्ट्रक्शन एल-1 रही।
मरीजों को नहीं पार करनी पड़ेगी सड़क
पीयू-पीजीआई अंडरपास बनने के बाद पीजीआई में चेकअप और इलाज के लिए आने वाले मरीजों, खासकर बुजुर्गों और उनके अटेंडेंट को सड़क पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे लिफ्ट या सीढ़ियों के जरिये सीधे अंडरपास से पीजीआई की तरफ जा सकेंगे। मौजूदा समय में मरीजों और उनके अटेंडेंट को पीजीआई के सामने सड़क पार करनी पड़ती है। जल्दबाजी में यहां सड़क दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसी समस्या को देखते हुए तत्कालीन प्रशासक वीपी बदनौर ने पीयू-पीजीआई गेट नंबर-1 पर अंडरपास बनाने के प्रस्ताव को लेकर अधिकारियों को सर्वे के निर्देश दिए थे।
सेक्टर-17-22 अंडरपास में नहीं है लिफ्ट
शहर में फिलहाल सेक्टर-17 बस स्टैंड और सेक्टर-22 के बीच अंडरपास है। इसमें भी 12 दुकानें हैं लेकिन उनका आकार छोटा है। वहां दोनों तरफ सीढ़ियां हैं, लिफ्ट की सुविधा नहीं है। इस कारण बुजुर्गों, बीमार और चलने में असमर्थ लोगों को अंडरपास से निकलने में परेशानी होती है। पीयू-पीजीआई अंडरपास में लिफ्ट की सुविधा होने से मरीजों और बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या कहते हैं चीफ इंजीनियर
प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि पीयू-पीजीआई अंडरपास के 8.40 करोड़ रुपये के सिविल वर्क टेंडर में पांच कंपनियों ने हिस्सा लिया था। आरके कंस्ट्रक्शन एल-1 रही है। उसे टेंडर आवंटित किया जाएगा और कंपनी को 12 महीने में अंडरपास का निर्माण पूरा करना होगा।