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रेप और गैंगरेप करने की सजा को लेकर किया गया बड़ा बदलाव, ध्यान से पढ़ लें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 12 Mar 2018 08:33 PM IST
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Rape
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रेप और गैंगरेप करने की सजा को लेकर बहुत बड़ा बदलाव किया गया है। कई धाराओं में संशोधन करते हुए सजा बदल दी गई है, ध्यान से पढ़ लें सभी।
Rape
- फोटो : Demo Photo
दरअसल, बदलाव की यह पहल हरियाणा सरकार ने की है। हरियाणा में अब 12 साल की बच्चियों के साथ दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म पर अब फांसी की सजा होगी। दुष्कर्म के दोषी को कम से कम 14 वर्ष और सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को कम से कम बीस साल सश्रम कारावास का भी प्रावधान किया गया है। इसे आजीवन कारावास या दोषी के प्राकृतिक जीवन की बाकी अवधि तक बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
हरियाणा के इतिहास में अब तक यह सबसे बड़ा निर्णय मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। प्रदेश सरकार ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376ए, 376डी, 354, 354डी(2) जैसे कानूनों में संशोधन करने को स्वीकृति दी है। जिससे फांसी की सजा व अन्य सजा का प्रावधान कानून में किया जाएगा।
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Gang-rape
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बच्चियों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों से जुड़े मौजूदा आपराधिक कानूनों को मौत की सजा समेत सजा में वृद्धि कर और अधिक कठोर बनाया गया है।इसका मकसद अपराधियों पर अंकुश लगाना है। हाल ही में प्रदेश में हुए जघन्य अपराधों के मद्देनजर उन्होंने कठोर कानून लाने का वादा किया था, जिसे पूरा कर दिया गया है।
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शादी का झांसा देकर दुराचार
- फोटो : Demo Photo
सरकार ने इन संशोधन को दी मंजूरी
- आईपीसी की धारा 376 ए, ए के तहत जोड़ी गई धारा के अनुसार जो कोई भी 12 वर्ष तक की आयु की किसी बच्ची से दुष्कर्म करता है, उसे मृत्यु या 14 वर्ष तक के सश्रम कारावास की सजा हो सकती है। इसे दोषी के प्राकृतिक जीवन की शेष अवधि के लिए कारावास तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
- आईपीसी की धारा 376 ए, ए के तहत जोड़ी गई धारा के अनुसार जो कोई भी 12 वर्ष तक की आयु की किसी बच्ची से दुष्कर्म करता है, उसे मृत्यु या 14 वर्ष तक के सश्रम कारावास की सजा हो सकती है। इसे दोषी के प्राकृतिक जीवन की शेष अवधि के लिए कारावास तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।