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नवजोत सिद्धू से मिलने उनके घर पहुंचे हरीश रावत, बोले- मेरी नौकरी खतरे में नहीं डालेंगे छोटे 'प्रा'
Fri, 02 Oct 2020 02:37 PM IST
खुशबू गोयल
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 02 Oct 2020 02:37 PM IST
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नवजोत सिद्धू, हरीश रावत
- फोटो : फाइल फोटो
पंजाब कांग्रेस प्रदेश प्रभारी एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नवजोत सिंह सिद्धू से मिलने के लिए वीरवार रात उनके घर पहुंचे। मुलाकात के बाद हरीश रावत ने बड़ा बयान दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
हरीश रावत प्रदेश के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू के बीच की नाराजगी को दूर करने में लगे हुए हैं। नाराज सिद्धू से अमृतसर में मुलाकात के बाद कांग्रेस प्रभारी ने बयान दिया है कि सिद्धू मेरे छोटे प्रा हैं और वह मेरी नौकरी खतरे में नहीं डालेंगे। अमृतसर ईस्ट से विधायक नवजोत सिंह सिद्धू, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से नाराज चल रहे हैं। नाराजगी के कारण सिद्धू कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा तक दे चुके हैं। सिद्धू के अलावा पंजाब कांग्रेस के कई और दिग्गज नेता भी कैप्टन अमरिंदर सिंह से नाराज चल रहे हैं। सूबे में बढ़ती पार्टी की गुटबाजी से दिल्ली में बैठे आलाकमान परेशान थे।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
यही वजह रही कि सियासी दिग्गज हरीश रावत को पंजाब में पार्टी की गुटबाजी खत्म करने और कैप्टन-सिद्धू के बिगड़ते रिश्तों को सुधारने की जिम्मेदारी दी गई है। हरीश भी अब पंजाब की सियासत को समझकर रूठों को मनाने के काम में लग गए हैं। शुरूआत उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू से कर दी है। इसलिए उन्होंने अमृतसर में सिद्धू के घर जाकर उनके साथ डिनर पर चर्चा की और उनके नाराज होने की वजह भी समझी। हरीश रावत ने इस मुलाकात के दौरान नवजोत सिद्धू को आश्वासन दिया कि वह कांग्रेस के बड़े कार्यक्रमों में शिरकत करें, पार्टी को उनकी बेहद जरूरत है।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
डिनर पॉलिसी के माहिर हैं हरीश
बता दें कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डिनर पॉलिसी में माहिर रहे हैं। उत्तराखंड सहित दिल्ली में भी कई सियासी घटनाक्रमों को उन्होंने डिनर पॉलिसी के जरिए सुलझाने में कामयाबी हासिल की है। साथ ही काफल, खीरा, आम और भी पहाड़ी व्यंजनों की वह आए दिन देहरादून में पार्टी करते आ रहे हैं, जिसमें सत्ता दलों के मुख्यमंत्री सहित दिग्गज शामिल होते रहे हैं।
बता दें कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डिनर पॉलिसी में माहिर रहे हैं। उत्तराखंड सहित दिल्ली में भी कई सियासी घटनाक्रमों को उन्होंने डिनर पॉलिसी के जरिए सुलझाने में कामयाबी हासिल की है। साथ ही काफल, खीरा, आम और भी पहाड़ी व्यंजनों की वह आए दिन देहरादून में पार्टी करते आ रहे हैं, जिसमें सत्ता दलों के मुख्यमंत्री सहित दिग्गज शामिल होते रहे हैं।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
- फोटो : अमर उजाला
मेरे कानों में आकर बताएं नाराजगी
पंजाब कांग्रेस के अन्य रूठे नेताओं को उन्होंने संदेश दिया कि वह अपनी नाराजगी को सार्वजनिक न करें। यदि कोई नाराजगी है तो वह उनके कानों में आकर कह सकते हैं। उनकी जो भी नाराजगी होगी, उसको वह दिल्ली के आलाकमान तक पहुंचाएंगे।
पंजाब कांग्रेस के अन्य रूठे नेताओं को उन्होंने संदेश दिया कि वह अपनी नाराजगी को सार्वजनिक न करें। यदि कोई नाराजगी है तो वह उनके कानों में आकर कह सकते हैं। उनकी जो भी नाराजगी होगी, उसको वह दिल्ली के आलाकमान तक पहुंचाएंगे।