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पति के शहीद होने के कुछ घंटे बाद मिला सालगिरह का तोहफा, पल रुला देने वाला था
ब्यूरो/अमर उजाला, नारनौल(हरियाणा)
Updated Tue, 21 Feb 2017 09:29 PM IST
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हंदवाड़ा में आतंकियों से लड़ते शहीद हुए मेजर सतीश दहिया
आतंकियों के साथ मुठभेड़ में पति शहीद हो गए और ऐसा होने के कुछ घंटों बाद ही पत्नी को उनका भेजा हुआ सालगिरह का तोहफा मिल गया, पल काफी रुलाने वाला था।
शहीद मेजर सतीश दहिया का अंतिम संस्कार
तोहफा शादी की सालगिरह का था। हंदवाड़ा में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए 31 वर्षीय मेजर सतीश दहिया की पत्नी ने बताया कि शुक्रवार को उनकी शादी की सालगिरह है। इस मौके के लिए उनके पति ने कुछ गिफ्ट और एक संदेश भेजा था, जो उन्हें मंगलवार की दोपहर को मिल गया था। संदेश सुनाते हुए सुजाता ने बताया कि इसमें उन्होंने लिखा था- मैं तुमसे प्यार करता हूं, तुम ही मेरी प्रेरणा हो… सतीश।
मेजर सतीश दहिया का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
आंखू में आंसू लिए सुजाता ने कहा कि मुझे अपने पति पर गर्व है कि आतंकियों से लड़ते हुए वह शहीद हुए। सतीश काफी बहादुर थे, इसलिए उन्होंने खुद उस एरिया में लड़ने के लिए जाने का आग्रह किया जो उनके अधीन आता ही नहीं था। सुजाता ने कहा कि पति की बहादुरी ने उसका सिर फक्र से ऊंचा कर दिया। अब वे अपनी इकलौती बेटी को भी आर्मी में अफसर बनाएंगी, ताकि वह अपने पिता के सपनों को पूरा कर सके।
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मेजर सतीश दहिया का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
शहीद मेजर सतीश दहिया मंगलवार को शहीद हो गए थे। उनका पार्थिव शरीर बुधवार शाम नारनौल में स्थित उनके पैतृक गांव बनिहाड़ी पहुंचा और यहां राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहीद को उनकी तीन साल की बेटी प्रिया ने दी मुखाग्नि दी। इस मौके पर सेना की टुकड़ियों ने सलामी दी। वहीं मेजर शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए करीब 800 लोग वहां पहुंचे थे।
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मेजर सतीश दहिया का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
मेजर के पिता को भीड़ के चलते अपने एकलौते बेटे को आखिरी बार देखने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा और जैसे ही वह अपने बेटे के पार्थिव शरीर तक पहुंचे वह फूट-फूटकर रो पड़े। मेजर सतीश दहिया के बारे में बात करते हुए उनके चचेरे भाई राजेश दहिया ने बताया कि सतीश बहुत ही होशियार और साहसी आदमी था। सतीश हमेशा कहा करता था कि मैं वहां पर बहुत गीदड़ों को मारता हूं और जब मैं वापस आउंगा तो लोग मुझ पर गर्व करेंगे।