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नशे के लिए जिंदा बाप का 'अंतिम संस्कार' करने लगा था वो

Sat, 06 Jun 2015 08:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Sat, 06 Jun 2015 08:04 AM IST
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नशे के लिए जिंदा बाप का 'अंतिम संस्कार' करने लगा था वो

handiwork of son for intoxication, attempt to burn alive to father

नशे के लिए जब माता‌-पिता ने रुपये देने से मना कर दिया तो युवक ने कर दिया कांड। मामला हरियाणा के पंचकूला का है। यहां नशे के आदी युवक ने सेक्टर चार स्थित अपने घर में आग लगा दी। इसके बाद उसने जलते सोफे पर अपने पिता को धक्का दे दिया और फरार हो गया।

नशे के लिए जिंदा बाप का 'अंतिम संस्कार' करने लगा था वो

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घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच गई और आग पर काबू कर लिया। पिता की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। कुछ दिन से नशे की गोलियां और सिरप लेने के आदी हो चुके 23 वर्षीय सागर ने दोपहर 12:30 बजे अपने पिता चरणजीत से नशे के लिए रुपये मांगे। चरणजीत ने बताया कि उन्होंने रुपये नहीं दिए।

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वह उस समय किचन की तरफ थे। बेटे ने कहा कि मैंने घर में आग लगा दी है। आंशिक निशक्त पिता ने कमरे में जाकर देखा तो सोफा जल रहा था। फ्रिज, बेड, कपड़ों के अलावा कुछ जरूरी दस्तावेज भी आग की चपेट में आ चुके थे। जलते सोफे पर पिता को धक्का देकर युवक घर से भाग गया।

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पुलिस और फायर ब्रिगेड ने पौने घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना के वक्त युवक की मां अपनी नौकरी के लिए घर से बाहर थी। पिता ने बताया कि सागर को इससे पहले पीजीआई के नशामुक्ति केंद्र में भी दाखिल कराया गया था, लेकिन थोड़े दिन बाद वह घर आ गया।

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अक्सर वह नशीली दवा और सिरप के लिए परिवार को परेशान करता है। घर में कमाने वाली एकमात्र सदस्य युवक की मां है। चरणजीत ने बताया कि वह चंडीगढ़ में रह रही अपनी मां से हर महीने रुपये लेकर घर चलाते हैं। आग लगने से सोफे पर रखे 20 हजार रुपये भी जल गए। पिता के बाल और चेहरे का कुछ हिस्सा आग से झुलस गया।

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