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एक ऐसी 'भूतिया' जगह, जहां छिपा अरबों का खजाना पर अंदर न जाना, देखिए

Tue, 04 Jul 2017 05:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Tue, 04 Jul 2017 05:05 PM IST
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halloween place known as bawri found in rohtak of haryana
रोहतक की भूतिया बावड़ी
क्या आप जानते हैं कि देश में एक ऐसी जगह है, जो न केवल भूतिया है बल्कि यहां अरबों का खजाना छिपा हुआ है? देखिए तस्वीरों में।
halloween place known as bawri found in rohtak of haryana
रोहतक में मिली भूतिया बावड़ी
हम बात कर रहे हैं, हरियाणा के रोहतक जिले में मौजूद सदियों पुरानी एक बावड़ी के बारे में। अभिलेखगारों के अनुसार, इस बावड़ी में अरबों का खजाना दफन है, लेकिन जो भी अंदर गया, वो वापस लौटा नहीं। इसलिए इसे 'चोरों की बावड़ी' या 'स्वर्ग का झरना' भी कहा जाता है। आगे की स्लाइड में जानिए इसका पौराणिक इतिहास।
halloween place known as bawri found in rohtak of haryana
रोहतक में मिली भूतिया बावड़ी
बावड़ी में लगे फारसी भाषा के एक अभिलेख के अनुसार इस स्वर्ग के झरने का निर्माण उस समय के मुगल राजा शाहजहां के चैबदार सैद्यू कलाल ने 1069 एएच यानि 1658-59 एडी में करवाया था। यह बावड़ी विशाल है। इसमें एक कुआं है जिस तक पहुंचने के लिए 101 सीढिय़ां उतरनी पड़ती हैं। इसमें कई कमरे भी हैं, जो कि उस जमाने में राहगीरों के आराम के लिए बनवाए गए थे।
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हरियाणा के रोहतक की भूतिया बावड़ी
इस बावड़ी को ज्ञानी चोर की बावड़ी के नाम से जाना जाता है। लोगों का कहना है कि ज्ञानी चोर एक शातिर चोर था जो धनवानों का लूटता और इस बावड़ी में छलांग लगाकर गायब हो जाता और अगले दिन फिर राहजनी के लिए निकल आता था। लोगों का यह अनुमान है कि ज्ञानी चोर द्वारा लूटा गया सारा धन इसी बावड़ी में मौजूद है। लोक मान्यताओं के अनुसार ज्ञानी चोर का अरबों का खजाना इसी में दफन है।
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हरियाणा के रोहतक की भूतिया बावड़ी
स्थानीय लोगों की मानें तो इसमें सुरंगों का जाल है जो कि दिल्ली और लाहौर तक जाता है। मगर रहस्य आज भी बरकरार है। जानकारों का कहना है कि इस पर फारसी भाषा में ‘स्वर्ग का झरना' लिखा हुआ है। किवदंती है कि अंग्रेजों के समय में एक बारात सुरंगों के रास्ते दिल्ली जाना चाहती थी। कई दिन बीतने के बाद भी सुरंग में उतरे बाराती न तो दिल्ली ही पहुंच पाए और न ही वापस निकले।
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