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GST से महंगी हुई दुनिया की सबसे बड़ी रसोई, लाखों लोग रोज फ्री खाना खाते हैं

Tue, 04 Jul 2017 09:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 04 Jul 2017 09:11 AM IST
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gst, goods & services tax impact on largest kitchen of the world
गोल्डन टेंपल की रसोई
जीएसटी का सबसे बड़ा असर तो देश में चल रही दुनिया की सबसे बड़ी रसोई पर पड़ा है। यहां हर रोज लाखों लोग मुफ्त में खाना खाते हैं, अब क्या होगा?
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गोल्डन टेंपल की रसोई
दरअसल, जीएसटी से कई चीजों के दाम बढ़ गए हैं। इसके कारण लंगर भी महंगा हो गया है। इसलिए केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मांग की कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से लंगर सेवा के लिए खरीदी जाने वाली रसद को जीएसटी एक्ट से छूट दी जाए।
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गोल्डन टेंपल की रसोई
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) देसी घी, चीनी और दालों की खरीद पर करीब 75 लाख रुपये खर्च करती है। अब यह सारी खरीदारी करने पर उसे 10 लाख रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, क्योंकि यह सारी वस्तुएं 5 से 18 फीसदी जीएसटी के दायरे में आती हैं।
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गोल्डन टेंपल की रसोई
हरसिमरत बादल ने कहा कि पंजाब सरकार ने इससे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को श्री दरबार साहिब अमृतसर, श्री केसगढ़ साहिब आनंदपुर और तलवंडी साबो बठिंडा में लंगर सेवा के लिए खरीदी जाने वाली रसद को वैट से छूट दी थी। इसी तरह से नए जीएसटी एक्ट के सेक्शन 11 और आईजीएसटी एक्ट के सेक्शन 6 योग्य संस्थाओं और कारोबारी अदारों को यह छूट दी जा सकती है।
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गोल्डन टेंपल की रसोई
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि श्री हरमंदिर साहिब में दुनिया की सबसे बड़ी रसोई चलाई जाती है, जहां सारा साल लाखों लोगों को मुफ्त लंगर कराया जाता है। इस लंगर का खर्च लोगों से मिले दान से ही चलता है। समाज में धर्म, जाति, रंग और नस्ल के भेदभाव को खत्म करने और बराबरी को प्रोत्साहित करने के लिए श्री गुरु नानक देव जी ने 1481 में लंगर की प्रथा शुरू की थी।
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