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GST का सबसे बड़ा फायदा नौकरीपेशा लोगों को है, जानिए कैसे?
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 02 Jul 2017 10:05 AM IST
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जीएसटी लागू होने से देश का हर वर्ग प्रभावित होगा, सिवाय नौकरीपेशा लोगों के। सबसे बड़ा फायदा ही नौकरी करने वालों को हुआ, जानिए कैसे।
जीएसटी
नौकरी करने वालों की कमाई पर नो जीएसटी
देश के सभी नौकरीपेशा लोगों की कमाई जीएसटी के दायरे से बाहर है। वे सिर्फ आम आदमी होने के नाते जीएसटी से प्रभावित होंगे। मतलब चीजों के सस्ते और महंगे होने का असर उन पर पड़ेगा। उनके वेतन पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। दूसरे देशों से आने वाले सामान पर जीएसटी वही रहेगा। केंद्र सरकार उन पर निर्यात ड्यूटी घटा-बढ़ाकर फर्क डाल सकती है, पर उसमें जीएसटी की कोई भूमिका नहीं होगी।
देश के सभी नौकरीपेशा लोगों की कमाई जीएसटी के दायरे से बाहर है। वे सिर्फ आम आदमी होने के नाते जीएसटी से प्रभावित होंगे। मतलब चीजों के सस्ते और महंगे होने का असर उन पर पड़ेगा। उनके वेतन पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। दूसरे देशों से आने वाले सामान पर जीएसटी वही रहेगा। केंद्र सरकार उन पर निर्यात ड्यूटी घटा-बढ़ाकर फर्क डाल सकती है, पर उसमें जीएसटी की कोई भूमिका नहीं होगी।
gst
कुछ चीजों के लिए अलग नियम
जीएसटी तो लागू हो गया, लेकिन कुछ चीजों के नियम अलग रहेंगे। पेट्रोलियम और तंबाकू उत्पादों के आयात पर अतिरिक्त कस्टम ड्यूटी जारी रहेगी। सभी आयातकों और निर्यातकों को एंटी, शिपिंग और कोरियर फॉर्म पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर देना होगा। इसके अलावा ट्रांजेक्शन के दौरान जीएसटी नेटवर्क की ओर से मिली आईडी की जानकारी भी देनी होगी।
जीएसटी तो लागू हो गया, लेकिन कुछ चीजों के नियम अलग रहेंगे। पेट्रोलियम और तंबाकू उत्पादों के आयात पर अतिरिक्त कस्टम ड्यूटी जारी रहेगी। सभी आयातकों और निर्यातकों को एंटी, शिपिंग और कोरियर फॉर्म पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर देना होगा। इसके अलावा ट्रांजेक्शन के दौरान जीएसटी नेटवर्क की ओर से मिली आईडी की जानकारी भी देनी होगी।
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महिलाएं रहीं खरीदी में मशगूल
- फोटो : अमर उजाला
व्यापारियों पर ये असर होगा
20 लाख रुपये से कम के सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी से छूट दी गई है। अगर सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपये से ज्यादा है तो हर हाल में रजिस्ट्रेशन कराना होगा, तब कच्चे माल पर मिलने वाली टैक्स छूट का फायदा मिलेगा। 75 लाख रुपये से अधिक के सालाना टर्नओवर वाले ट्रेडर्स, मैन्युफैक्चरर्स और रेस्तरां कंपोजिशन स्कीम के तहत क्रमश: 1, 2 और 5 फीसदी अदा कर सकते हैं। अन्य कारोबारियों को हर महीने तीन रिटर्न भरने होंगे, इनमें से दो ऑटोमेटिक होंगे।
20 लाख रुपये से कम के सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी से छूट दी गई है। अगर सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपये से ज्यादा है तो हर हाल में रजिस्ट्रेशन कराना होगा, तब कच्चे माल पर मिलने वाली टैक्स छूट का फायदा मिलेगा। 75 लाख रुपये से अधिक के सालाना टर्नओवर वाले ट्रेडर्स, मैन्युफैक्चरर्स और रेस्तरां कंपोजिशन स्कीम के तहत क्रमश: 1, 2 और 5 फीसदी अदा कर सकते हैं। अन्य कारोबारियों को हर महीने तीन रिटर्न भरने होंगे, इनमें से दो ऑटोमेटिक होंगे।
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gst
आर्मी कैंटीन के सामान पर 50 प्रतिशत की छूट
आर्मी कैंटीन में मिलने वाले सामान पर जीएसटी में 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया गया है। यानी सीएसडी कैंटीन से खरीदे गए सामान पर जीएसटी की 2.5 प्रतिशत, 6 प्रतिशत, 9 प्रतिशत और 14 प्रतिशत दर लागू होंगी। हालांकि सीएसडी कैंटीन से खरीदे गए अगर किसी सामान पर सेस लगता है तो इसमें छूट का लाभ जवानों को नहीं मिलेगा। कैंटीन में आने वाले सामान पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कोई छूट नहीं है। इसमें राज्यों ने वैट में छूट दी है।
आर्मी कैंटीन में मिलने वाले सामान पर जीएसटी में 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया गया है। यानी सीएसडी कैंटीन से खरीदे गए सामान पर जीएसटी की 2.5 प्रतिशत, 6 प्रतिशत, 9 प्रतिशत और 14 प्रतिशत दर लागू होंगी। हालांकि सीएसडी कैंटीन से खरीदे गए अगर किसी सामान पर सेस लगता है तो इसमें छूट का लाभ जवानों को नहीं मिलेगा। कैंटीन में आने वाले सामान पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कोई छूट नहीं है। इसमें राज्यों ने वैट में छूट दी है।