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GST में वसूले जाएंगे 3 तरह के टैक्स, जानिए किस चीज पर कितना कर लगेगा?
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 02 Jul 2017 10:05 AM IST
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जीएसटी
- फोटो : amar ujala
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जीएसटी लागू होते ही देश में लगने वाले 15 से ज्यादा कर खत्म हो गए। अब सिर्फ तीन तरह के टैक्स वसूले जाएंगे, जानिए किस चीज पर कितना कर लगेगा।
जीएसटी
- फोटो : SELF
जीएसटी में टैक्स स्लैब
जीएसटी लगने के बाद कई सेवाओं और वस्तुओं पर लगने वाले अलग अलग टैक्स खत्म हो गए और 'एक देश, एक टैक्स' का नियम लागू हो गया। जीएसटी के तहत 5%, 12%, 18% और 28% के टैक्स स्लैब बनाए गए हैं। इसके अलावा रफ डायमंड (बगैर तराशे हुए डायमंड) के लिए 0.25 फीसदी और गोल्ड पर 3 फीसदी का स्पेशल रेट है, जबकि सिगरेट जैसी चीजों पर अतिरिक्त कर भी लगेगा।
जीएसटी लगने के बाद कई सेवाओं और वस्तुओं पर लगने वाले अलग अलग टैक्स खत्म हो गए और 'एक देश, एक टैक्स' का नियम लागू हो गया। जीएसटी के तहत 5%, 12%, 18% और 28% के टैक्स स्लैब बनाए गए हैं। इसके अलावा रफ डायमंड (बगैर तराशे हुए डायमंड) के लिए 0.25 फीसदी और गोल्ड पर 3 फीसदी का स्पेशल रेट है, जबकि सिगरेट जैसी चीजों पर अतिरिक्त कर भी लगेगा।
जीएसटी
- फोटो : amar ujala
ये तीन टैक्स वसूले जाएंगे
जीएसटी लागू होने के बाद वस्तुओं एवं सेवाओं पर तीन तरह के टैक्स वसूले जाएंगे। पहला सीजीएसटी, यानी सेंट्रल जीएसटी (सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स), जो केंद्र सरकार वसूलेगी। दूसरा एसजीएसटी, यानी स्टेट जीएसटी (स्टेट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स), जो राज्य सरकार अपने यहां होने वाले कारोबार पर वसूलेगी। तीसरा आईजीएसटी, यानी इंटीग्रेटेड जीएसटी (इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स), जो दो राज्यों के बीच होने वाले कारोबार पर वसूला जाएगा।
जीएसटी लागू होने के बाद वस्तुओं एवं सेवाओं पर तीन तरह के टैक्स वसूले जाएंगे। पहला सीजीएसटी, यानी सेंट्रल जीएसटी (सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स), जो केंद्र सरकार वसूलेगी। दूसरा एसजीएसटी, यानी स्टेट जीएसटी (स्टेट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स), जो राज्य सरकार अपने यहां होने वाले कारोबार पर वसूलेगी। तीसरा आईजीएसटी, यानी इंटीग्रेटेड जीएसटी (इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स), जो दो राज्यों के बीच होने वाले कारोबार पर वसूला जाएगा।
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जीएसटी
- फोटो : amar ujala
जीएसटी का दोहरा मॉडल
मोदी सरकार ने जीएसटी का दोहरा माडॅल अपनाया है, जिसमें टैक्सेशन की जिम्मेवारी केंद्र और राज्य सरकार दोनों की रहेगी। जीएसटी लागू होते ही देश में लगने वाले 18 टैक्स खत्म हो गए और एक यूनिवर्सल टैक्स लगना शुरू हो गया। पूरे देश में एक समान कर प्रणाली लागू होगी, जिससे महंगाई दर कम होगी। जीडीपी में वृद्धि होगी और व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। जवाबदेही बढ़ेगी तथा भ्रष्टाचार से मुक्ति।
मोदी सरकार ने जीएसटी का दोहरा माडॅल अपनाया है, जिसमें टैक्सेशन की जिम्मेवारी केंद्र और राज्य सरकार दोनों की रहेगी। जीएसटी लागू होते ही देश में लगने वाले 18 टैक्स खत्म हो गए और एक यूनिवर्सल टैक्स लगना शुरू हो गया। पूरे देश में एक समान कर प्रणाली लागू होगी, जिससे महंगाई दर कम होगी। जीडीपी में वृद्धि होगी और व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। जवाबदेही बढ़ेगी तथा भ्रष्टाचार से मुक्ति।
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gst
- फोटो : Amar Ujala
ये सभी कर खत्म हो गए अब
सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, ड्यूटीज आफ एक्साइज (औषधीय और टायलेट प्रेपरेशन्स), एडिशनल ड्यूटीज आफ एक्साइज (विशेष महत्व के उत्पाद), एडिशनल ड्यूटीज आफ एक्साइज (टेक्सटाइल एंड टेक्सटाइल प्राडक्ट), एडिशनल ड्यूटीज आफ कस्टम्स (सीवीडी), स्पेशल एडिशनल ड्यूटीज आफ कस्टम्स (एसएडी), सर्विस टैक्स, सेंट्रल सरचार्ज एंड सेस (स्वच्छ भारत सेस, कृषि कल्याण सेस, शिक्षा सेस), वैल्यू एडेड टैक्स (VAT), लग्जरी टैक्स, एंट्री टैक्स (सभी प्रकार के), एंटरटेनमेंट एंड एम्यूजमेंट टैक्स (स्थानीय निकायों द्वारा लागू टैक्स के अलावा), विज्ञापनों पर टैक्स, विक्रय कर, लाटरीज पर टैक्स, राज्य की ओर से लागू सरचार्ज एंड सेस (सामान और सेवाओं की आपूर्ति से संबंधित)
सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, ड्यूटीज आफ एक्साइज (औषधीय और टायलेट प्रेपरेशन्स), एडिशनल ड्यूटीज आफ एक्साइज (विशेष महत्व के उत्पाद), एडिशनल ड्यूटीज आफ एक्साइज (टेक्सटाइल एंड टेक्सटाइल प्राडक्ट), एडिशनल ड्यूटीज आफ कस्टम्स (सीवीडी), स्पेशल एडिशनल ड्यूटीज आफ कस्टम्स (एसएडी), सर्विस टैक्स, सेंट्रल सरचार्ज एंड सेस (स्वच्छ भारत सेस, कृषि कल्याण सेस, शिक्षा सेस), वैल्यू एडेड टैक्स (VAT), लग्जरी टैक्स, एंट्री टैक्स (सभी प्रकार के), एंटरटेनमेंट एंड एम्यूजमेंट टैक्स (स्थानीय निकायों द्वारा लागू टैक्स के अलावा), विज्ञापनों पर टैक्स, विक्रय कर, लाटरीज पर टैक्स, राज्य की ओर से लागू सरचार्ज एंड सेस (सामान और सेवाओं की आपूर्ति से संबंधित)