मशहूर शायर पद्मभूषण डॉ. गोपाल दास ‘नीरज’ चंडीगढ़ में थे। उनसे मुलाकात में जो बातें निकल कर आईं, दिल छू लेने वाली थीं। आप भी देखिए।
पद्मभूषण डॉ. गोपाल दास ‘नीरज’ से एक मुलाकात, दिल छू लेगी बातें
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राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के साथ मशहूर शायर गोपाल दास नीरज
- फोटो : फाइल फोटो
पद्मभूषण डॉ. गोपाल दास ‘नीरज’ ने आते ही कहा कि आदमी को आदमी बनाने के लिए जिंदगी में प्यार की कहानी चाहिए और कहने के लिए प्यार की स्याही नहीं, आंखों वाला पानी चाहिए।
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राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के साथ मशहूर शायर गोपाल दास नीरज
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डॉ. गोपाल दास ‘नीरज’ ने कहा कि चंडीगढ़ आने का मकसद अमन और शांति को देश भर में फैलाना है। देश में अमन चाहते हैं तो शांति का संदेश देना ही होगा। साथ ही अमन, सुख शांति प्रेम पर चलते हैं, न कि जोर जबरदस्ती से। देशभर में शांति का पैगाम जाना चाहिए।
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राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के साथ मशहूर शायर गोपाल दास नीरज
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उत्तर प्रदेश के इटावा के एक छोटे से गांव से लेकर मायानगरी में एक अलग मुकाम हासिल करने वाले नीरज ने कहा कि गीत लिखने से उनके मन को सुकून मिलता था। उनके कई गीत सुपरहिट रहे, जोकि आज भी लोगों की जुबां पर रहते हैं। इसके लिए सभी को आगे आना चाहिए।
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राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के साथ मशहूर शायर गोपाल दास नीरज
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नीरज कहते हैं कि जब तक एसडी बर्मन साहब के साथ उन्होंने काम किया, उनके मन को खूब सुकून मिला। मैने उन्हें पहले ही कह दिया था कि, ‘जिस दिन आप जाओगे मैं भी फिल्मी दुनिया छोड़ दूंगा।’ उनके जाने के बाद से मैने भी फिल्मी दुनिया छोड़ दी।