गांव में उस समय कोहराम मच गया। जब एक ही घर की 6 महिलाओं के पतियों की चिताएं एक साथ जलीं। मंजर काफी खौफनाक था।
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एक साथ जली छह लोगों की चिताएं
शाम करीब छह बजे जब घर के बाहर एक कैंटर आया और उसमें से एक-एक करके छह लाशें उतारी गई तो परिवार के सदस्य ही नहीं पूरा गांव रो पड़ा। दो भाई और चार भतीजों के शव जैसे ही घर के आंगन रखे तो हर किसी की आंखें नम हो गई। महिलाओं की चीख ने हर किसी को रुला दिया। सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में सभी को बड़े ही गमगीन माहौल में संस्कार किया गया।
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एक साथ जली छह लोगों की चिताएं
करनाल जिले के गांव बरास से प्रीतम सिंह राणा का परिवार अंबाला के गांव मोली में भात भरने के लिए गया था। मंगलवार को परिवार के सदस्य बड़ी खुशी के साथ विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। बुधवार को टवेरा गाड़ी में सवार होकर वे यूपी के गांव मैहटा में बारात में जा रहे थे। जैसे ही नारायणगढ़ साढौरा रोड पर चले तो कुछ ही दूरी पर एक ट्राले से गाड़ी की टक्कर हो गई।
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एक साथ जली छह लोगों की चिताएं
हादसे में बरास निवासी दो सगे भाइयों समेत चार भतीजों की मौत हो गई। इनके अलावा, मरने वालों में गाड़ी चालक व एक रिश्तेदार शामिल हैं। मृतकों में लीला राम (50) कामा (45), अंग्रेज राणा (32) वर्षीय, सोनू राणा (27) वर्षीय, हुकमा राणा (30), मन्नु राणा (55) शामिल हैं। बुधवार शाम को छहों के शव जैसे ही गांव में पहुंचे तो गांव में कोहराम मच गया।
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एक साथ जली छह लोगों की चिताएं
हादसे के कारण पूरा गांव व क्षेत्र स्तब्ध रहा। बुधवार को गांव में न तो कोई दुकान खुली न ही किसी के घर चूल्हा जला। हादसे की सूचना के बाद से ही हर कोई हादसे के बारे में जानकारी लेता रहा। दोपहर बाद जैसे ही ग्रामीणों को पता चला कि एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई है वे सहम गए। शोक स्वरूप में गांव में कोई दुकान नहीं खुली और न ही शाम को घरों में चूल्हे जले।