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80 साल की मां ने दिया 40 साल के शहीद बेटे की अर्थी को कंधा, तस्वीरें

Fri, 23 Sep 2016 10:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 23 Sep 2016 10:06 PM IST
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funeral of indian army martyr constablemadal lal sharma in pathankot of punjab
80-yr-old Mother performs rituals of martyr son's cremation - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिस बेटे को गोद में खिलाया। उसी की अर्थी को कंधा देते समय 80 साल की धर्मो देवी को गर्व था। बेटा देश पर शहीद हुआ था। तस्वीरें
funeral of indian army martyr constablemadal lal sharma in pathankot of punjab
शहीद मदन लाल शर्म का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि नौगांव में मंगलवार को पाकिस्तानी आतंकियों से मुकाबला करते सेना की 20 डोगरा यूनिट के हवलदार मदन लाल शर्मा शहीद हो गए थे। शहीद मदन लाल शर्मा (40) का पठानकोट के गांव घरोटा के रहने वाले थे। गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया।
funeral of indian army martyr constablemadal lal sharma in pathankot of punjab
शहीद मदन लाल शर्म का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले तिरंगे में लिपटी हुई शहीद की पार्थिव देह गांव पहुंची तो वहां पर मौजूद हजारों की संख्या में लोगों की आंखें नम हो गई और पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। हाथों में तिरंगा पकड़े लोगों के पाकिस्तान मुर्दाबाद और भारतीय सेना जिंदाबाद व शहीद मदन लाल अमर रहे के नारों से गूंज उठा।
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funeral of indian army martyr constablemadal lal sharma in pathankot of punjab
शहीद मदन लाल शर्म का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
शहीद की 80 मां धर्मों देवी की करुणामयी सिसकियां और शहीद की पत्नी भावना शर्मा की चीत्कारें पत्थरों का कलेजा भी छलनी कर रही थीं। वहीं गुमसुम शहीद की पांच वर्षीय बेटी श्वेता और ढाई वर्ष का बेटा कन्नव इस भीड़ में अपने पिता को तलाश रहे थे।
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शहीद मदन लाल शर्म का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
शहीद की मां ने अपने बेटे की महानता को समझते हुए उसकी अर्थी को कंधा देकर देश के सामने संदेश दिया कि बेटे की कर्तव्य पारायणता उसके लिए सबसे अहम है। सेना की 2 डोगरा रेजीमेंट के जवानों ने हवाई फायर करने के बाद शस्त्र उलटे कर मातमी बिगुल धुन के साथ शहीद को सलामी दी।

 
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