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बाप की मौत, मां छोड़कर चली गई 4 बच्चियां भूख से बेहाल और बीमार...देख नहीं पाओगे तस्वीरें
निरंजन राणा, यमुनानगर(हरियाणा)
Updated Thu, 13 Sep 2018 09:44 AM IST
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चार बच्चियां, जिन्हें रेस्क्यू किया गया
बाप की मौत के बाद मां भी छोड़कर चली गई, 4 बच्चियां भूख से बेहाल, बीमारी और गंदगी के साथ लाचारी का जीवन जी रही थीं, तस्वीरें देखकर आपका दिल दहल जाएगा।
चार बच्चियां, जिन्हें रेस्क्यू किया गया
हरियाणा के यमुनानगर जिले के आदि बद्री इलाके में चार मासूम बच्चियां भूख, लाचारी व बीमारी का जीवन जी रही थी। सिर से पिता का साया उठ गया तो मां ने भी केयर करनी बंद कर दी। बच्चियों को अकेला छोड़कर वह कई-कई दिन तक घर से बाहर रहती थी। चारों बहनें घर पर ही कैद होकर रह गई। उम्र कम होने की वजह से वे खाना भी नहीं बना पाती और पानी पीकर सो जाती। हालात इतने बदतर कि बच्चियों का शरीर तक गलने लग गया।
चार बच्चियां, जिन्हें रेस्क्यू किया गया
मंगलवार को चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम ने पुलिस की मदद से चारों बच्चियों को रेस्क्यू किया। बड़ी बच्ची की उम्र 12 साल की है। गंदगी के माहौल में दयनीय हालात में रहने की वजह से ये बीमार हो गई। उनका शरीर जगह-जगह से गलने लग गया। एक बच्ची की हालत तो बहुत ही खराब है। चाइल्ड लाइन की निदेशिका डॉ. अंजू बाजपई व कॉर्डिनेटर भानू प्रताप पुलिस टीम के साथ वहां पहुंचे, तो बच्चियों की दुर्दशा देख कर सन्न रह गए।
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चार बच्चियां, जिन्हें रेस्क्यू किया गया
जख्मों से निकल रहा था मवाद
कोऑर्डिनेटर भानू प्रताप ने बताया कि एक बच्ची बहुत बीमार है। उसके शरीर पर जगह जगह जख्म हैं जो कि बहुत बुरी तरह सड़ चुके हैं। उसके जख्मों से बदबूदार मवाद बह रही थी। सभी बच्चियां भूख व असुरक्षा के माहौल में पल रही थी। ये सात बहनें हैं एक नानी के पास रहती है, दो ताऊ व ताई के पास रहती हैं और ये चार मां के साथ रहती है। परंतु मां इनका बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखती।
कोऑर्डिनेटर भानू प्रताप ने बताया कि एक बच्ची बहुत बीमार है। उसके शरीर पर जगह जगह जख्म हैं जो कि बहुत बुरी तरह सड़ चुके हैं। उसके जख्मों से बदबूदार मवाद बह रही थी। सभी बच्चियां भूख व असुरक्षा के माहौल में पल रही थी। ये सात बहनें हैं एक नानी के पास रहती है, दो ताऊ व ताई के पास रहती हैं और ये चार मां के साथ रहती है। परंतु मां इनका बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखती।
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चार बच्चियां, जिन्हें रेस्क्यू किया गया
ट्रामा में भर्ती करवाया
एक लड़की जिसकी हालात बहुत नाजुक थी, उसको ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया है। जहां पर उसका इलाज चल रहा है। अन्य तीन को प्राथमि उपचार के बाद छछरौली स्थित बालकुंज में भेज दिया है। ना तो बच्चियां स्कूल जाती हैं, ना आंगनबाड़ी सेंटर पर जाती है। ये दिन भर ऐसे ही बुरे हालातों में असुरक्षित घूमती रहती हैं।
एक लड़की जिसकी हालात बहुत नाजुक थी, उसको ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया है। जहां पर उसका इलाज चल रहा है। अन्य तीन को प्राथमि उपचार के बाद छछरौली स्थित बालकुंज में भेज दिया है। ना तो बच्चियां स्कूल जाती हैं, ना आंगनबाड़ी सेंटर पर जाती है। ये दिन भर ऐसे ही बुरे हालातों में असुरक्षित घूमती रहती हैं।