{"_id":"589988814f1c1b8a5237926f","slug":"five-years-old-child-iftikar-ahmad-handed-over-to-pakistani-mother-and-pakistan-said-thanks-to-india","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"आखिर ऐसा क्या वाकया हुआ जो पाकिस्तान ने भारत को कहा शुक्रिया, जानिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिर ऐसा क्या वाकया हुआ जो पाकिस्तान ने भारत को कहा शुक्रिया, जानिए
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Tue, 21 Feb 2017 09:24 PM IST
विज्ञापन
अमृतसर में वाघा बॉर्डर
भारत और पाकिस्तान के रिश्तों से पूरी दुनिया वाकिफ है, लेकिन हाल ही में एक ऐसा वाकया सामने आया कि पाकिस्तान ने भारत को शुक्रिया कहा। जानिए आप भी।
पाक को सौंपा बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, भारत ने 5 साल के पाकिस्तानी बच्चे इफ्तिखार अहमद को 11 महीने बाद उसकी पाकिस्तानी मां को सौंप दिया। पाकिस्तान हाई कमीशन के अफसर शनिवार की शाम को इफ्तिखार को लेकर अमृतसर स्थित वाघा बॉर्डर पर पहुंचे। उनके साथ बच्चे की मां भी थी। भारतीय अफसरों ने बच्चा मां को सौंप दिया और इस अच्छे काम के लिए पाकिस्तान ने भारत को शुक्रिया कहा।
पाक को सौंपा बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने ट्वीट करके शुक्रिया अदा किया। ट्वीट में कहा कि हम इंसानियत के नाते सहयोग करने के लिए भारतीय अफसरों के शुक्रगुज़ार हैं। बच्चे की मां रोहिना कियानी ने कहा कि मैं अपने बच्चे को वापस पाने की सारी उम्मीदें खो चुकी थी, उसे पाना किसी चमत्कार से कम नहीं। इफ्तिखार को मुझसे मिलवाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।
विज्ञापन
विज्ञापन
पाक को सौंपा बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि बच्चे को पाने के लिए उसे पाकिस्तानी हाई कमीशन की मदद से महिला को भारतीय कोर्ट की शरण लेनी पड़ी थी। कई दलीलें देने के बाद कोर्ट में साबित हो गया कि इफ्तिखार पाकिस्तानी नागरिक है। इसके बाद अदालत ने उसे उसकी मां को सौंपने का फैसला सुनाया। इसी के तहत बच्चे को शनिवार को मां को सौंप दिया गया। इस दौरान बच्चे की मां ने पूरे वाकये से वाकिफ कराया।
विज्ञापन
पाक को सौंपा बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
बच्चे की मां ने बताया कि इफ्तिखार को उसके पिता मार्च 2016 में शादी में शरीक होने के बहाने भारत ले आए थे। इस पर इफ्तिखार की मां ने उसकी कस्टडी को लेकर भारत की अदालत में अर्जी दाखिल की थी। मामले में फैसला तो पिछले ही साल मई में ही आ गया था, लेकिन सीमा पर तनाव के चलते 9 महीने तक बच्चे को उसकी मां को नहीं सौंपा जा सका था।