इसे कहते हैं बेबसी और तबाही...अचानक आई ऐसी आपदा कि पांच मंजिला इमारत के नीचे जिंदा दफन हो गए लोग, जान बचाने को तड़पते रहे, पर कोई कुछ न कर पाया।
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फैक्ट्री में आग लगने से ढही 5 मंजिला इमारत
पांच मंजिला बिल्डिंग का मलबा, उसके नीचे दबे घायलों की चीखों की आवाज, चाहते हुए भी लोग मलबे के नीचे दबे अपनों को बचाने में बेबस नजर आ रहे थे। लोग जिंदगी और मौत में फंसे अपने रिश्तेदारों को आंखों के सामने ही अपनों से दूर होते देख रहे थे। यह हालात थे सोमवार को इंडस्ट्री एरिया में आग के बाद गिरी चार मंजिला बिल्डिंग के मलबे के नीचे दबे लोगों के परिवारों का।
सब एक दूसरे को भगवान पर भरोसा रखने का हौसला दे रहे थे। लबों पर दुआएं थे और हाथ जुड़ रहे थे बचाने वाले लोगों के आगे। पंजाब के लुधियाना में इंडस्ट्रियल एरिया-ए में सुफियां चौक के नजदीक प्लास्टिक का सामान बनाने वाली फैक्टरी एमसन्स पालिमर्स में आग लगने के बाद धमाका हुआ और पांच मंजिला इमारत ध्वस्त हो गई। मलबे से अब तक 10 शव निकाले जा चुके हैं।
बिल्डिंग गिरने के बाद सब से ज्यादा बुरा हाल नीचे दबे फायर अधिकारियों और मुलाजिमों के परिवार वालों का था। भावाधस के नेता लक्ष्मण द्रविड़ भी इस मलबे के नीचे दबे हुए हैं, जिनके परिवार के सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल था। जैसे जैसे फायर अधिकारी और मुलाजिमों के परिवार वालों को उनके मलबे के नीचे दबे होने की खबर पहुंची उनके परिवार वाले भी घटना स्थल पर पहुंचने शुरु हो गए। पुलिस को इन के परिवार वालों को संभालना भी मुश्किल हो रहा था।
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फैक्ट्री में आग लगने से ढही 5 मंजिला इमारत
जिला प्रशासन के साथ साथ नेशनल डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (एनडीआरएफ), स्टेट डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (एसडीआरएफ) और सेना ने मोर्चा संभाला हुआ है, लेकिन खंडहर इमारत से निकल रहे जहरीले धुएं से बचाव कार्य में मुश्किल आ रही है। मृतकों की पहचान सीनियर फायर अफसर सेमुअल गिल, फायर ब्रिगेड के कर्मचारी पूर्ण सिंह और पंजाब टैक्सी यूनियन के प्रधान इंद्रपाल सिंह पाल के तौर पर हुई है।