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अपने तीनों जिगर के टुकड़ों के शव देख मां बोली ऐसी बात, कलेजा फट गया सभी का
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला/कुरुक्षेत्र
Updated Fri, 24 Nov 2017 09:27 AM IST
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तीन बच्चों का अंतिम संस्कार
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इस अभागन मां ने जब अपने तीन बच्चों के शव देखे तो वह बदहवास हो गई और फिर उसके मुंह से ऐसी बात निकली, सुनकर सभी का कलेजा फट गया।
मोरनी हिल्स में मिले तीन बच्चों के शव
घटना हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले की है। पेहोवा के गांव सारसा निवासी सोनू ने चचेरे भाई जगदीप मलिक से अपने ही तीन मासूम बच्चों की हत्या करवा दी। हत्यारोपी जगदीप की निशानदेही पर कुरुक्षेत्र पुलिस ने तीनों बच्चों के शव पंचकूला में मोरनी के जंगलों से बरामद किए। बच्चों की पहचान समीर 11 वर्ष, सिमरन आठ वर्ष और समर चार वर्ष के रूप में हुई थी और तीनों की गोली मारकर हत्या की गई।
तीन बच्चों का अंतिम संस्कार
अपने ही सुहाग द्वारा अपने ही बच्चों के साथ किए गए इस कांड ने मां सुमन का दिल छलनी कर दिया। उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे, बदहवासी की हालत में वह बस यही कहती कि अब मैं कैसे जिऊंगी। बुधवार को शव मिले और वीरवार को तीनों बच्चों का पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट में आया कि गोली लगने से तीनों की मौत हुई। दादा जीत राम तीनों के शव लेकर गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया।
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तीन बच्चों का अंतिम संस्कार
अपने कलेजे के टुकड़ों के शव देखकर मां सुमन बेहोश हो गई। जैसे-तैसे उसे होश में लाया गया तो वह बार-बार वह चिल्लाती कि मारना ही था तो मुझे मार देते, मासूमों ने क्या बिगाड़ा था। मैं तो अपने बच्चों के सकुशल लौटने की राह देख रही थी। कह रहे थे कि मेला देखने गए हैं। मेरे बच्चों के साथ ये क्या हो गया, अब मैं कैसे जिऊंगी, किसके सहारे जिऊंगी। भगवान ने मेरे साथ न्याय नहीं किया।
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तीन बच्चों का अंतिम संस्कार
क्योंकि हालात सही नहीं थे, इसलिए गांव पहुंचते ही बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों भाई समीर और समर को एक अर्थी पर श्मशान भूमि तक ले जाया गया। जबकि उनके पीछे-पीछे बहन सिमरन का शव लेकर गांव वाले संस्कार के लिए पहुंचे। बच्चों के मामा ने शवों को मुखाग्नि दी। हर आंख में आंसू थे और हर जुबान पर ऐसा घिनौना काम करने वालों के लिए फांसी की मांग।