अपने बहादुर बेटे के शव देखते ही पूरा गांव एक साथ रो पडा। बच्चे, जवान, बूढे़, महिलाओं की रोने के आवाज से पूरा इलाका गूंजने लगा, तस्वीरें...
जम्मू-कश्मीर के राजोरी सेक्टर में पाक सेना की गोलीबारी में शहीद हुए मेजर और तीन जवानों में से एक लांस नायक गुरमेल सिंह (34) कत्थूनंगल के गांव अल्केरा के रहने वाले थे। गांव के गुरुद्वारा साहिब में जहां श्री गुरु गोबिंद सिंह के 350वें प्रकाश पर्व पर शुकराना हो रहा था, वहीं शहीद का परिवार भी शुकराना कर रहा था कि उनके घर में गुरमेल सिंह जैसे जांबाज ने जन्म लिया, जिसने देश के लिए कुर्बानी दी।
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शहीद लांस नायक गुरमेल सिंह
बेटे गुरमेल की पुरानी फोटो देखकर पिता तरसेम सिंह फफक पड़े। वह कहने लगे कि मेरे बेेटे जैसा सुंदर, सुशील और आज्ञाकारी शायद ही कोई हो। बेटा भले ही शहीद हो गया हो, लेकिन पिता का दिल रो ही पड़ता है।
तरसेम सिंह कहने लगे कि मेरा दिल कमजोर नहीं है, देश के लिए बेटे की शहादत पर रब का शुक्रगुजार हूं कि मुझे वाहेगुरु ने ऐसी औलाद दी। मेरा मन रो तो रहा है, लेकिन टूटा नहीं है। मैं मातम नहीं मना सकता, लेकिन आंसू भी रोक नहीं पा रहा हूं।
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शहीद लांस नायक गुरमेल सिंह
अब तो सेहरा और तस्वीर ही सहारा
तेरह साल पहले ही कुलजीत कौर की शादी गुरमेल सिंह से हुई थी। आठ साल की बिटिया है, जिसे गुरमेल सिंह बिट्टी कहकर बुलाते थे। कुलजीत कौर के पास पीली पगड़ी, पीले कोट में वो आखिरी तस्वीर है। बीते 10 दिसंबर को मोबाइल से खींची थी। कुलजीत ने शादी का सेहरा भी संभाल कर रखा है, कहती है यह मेरे जीने का आसरा है। अब उसके पास गुरमेल की यादें ही हैं, जिसे वो सहेज कर आखिरी सांस तक रखेगी।