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5-10 रुपये के सिक्के भिजवा सकते हैं जेल, भूलकर भी इग्नोर न करें ये नई जानकारी...वरना पछताएंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Updated Sat, 01 Sep 2018 05:41 PM IST
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10rs Coins
5 और 10 रुपये के सिक्के मुसीबत बन गए हैं, कभी भी आपको जेल करवा सकते हैं। अगर अपने भूलकर भी ये जानकारी इग्नोर कर दी तो पछतान पड़ सकता है। पढ़ने के लिए क्लिक करें...
Rs 10 Coins
- फोटो : PTI
हरियाणा के हिसार में सिक्कों की वजह से तीन लोगों को 10-10 साल की सजा हो गई, क्योंकि वे नकली सिक्के बनाकर बाजार में सप्लाई करते थे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की कोर्ट ने तीनों दोषी दिल्ली के उत्तम नगर निवासी स्वीकारा, हिसार के न्यू मॉडल टाउन निवासी रविंद्र व अर्बन इस्टेट निवासी सचिन को दस-दस साल की सजा सुनाई है। दोषियों को 60-60 हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना नही भरने पर सवा साल की अतिरिक्त सजा सुनाई है।
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सदर थाना की टीम 27 जनवरी 2016 को तोशाम रोड पर गश्ती के दौरान कार से लाखों के सिक्के मिले थे। टक्साल में जांच कराने पर पता चला कि सभी सिक्के नकली हैं। पुलिस ने आरोपियों रविंद्र और सचिन को गिरफ्तार करके सिक्कों को कब्जे में ले लिया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली निवासी स्वीकारा से ये सिक्के लेकर आए हैं। पुलिस को सचिन के घर से नकली सिक्के बनाने का सामान बरामद हुआ था। पुलिस ने इस बारे में दिल्ली से स्वीकारा को गिरफ्तार करके आरोपियों के खिलाफ धारा 232, 240, 243, 420 के तहत केस दर्ज किया था। कोर्ट ने करीब ढाई साल चले इस अभियोग के बाद आरोपियों को इस मामले में सजा सुनाई।
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10 रुपये का सिक्का
दिल्ली में अक्तूबर 2016 और जुलाई 2017 में पांच और 10 रुपये के नकली सिक्के बनाने वाली फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद से हरियाणा में 10 रुपये के सिक्के तकरीबन चलन से बाहर हो गए हैं। करीब डेढ़ साल से दस रुपये के सिक्के को खोटा मानकर ऑटो चालक हो या रेहड़ी वाला अथवा कारोबारी इसे लेने को तैयार नहीं होता है। जबकि देश भर में यह सिक्का चल रहा है। हालांकि, कानूनी तौर पर कोई दस रुपये का सिक्का लेने से मना नहीं कर सकता है। कई बैंकों के अधिकारियों ने कहा कि कोई भी बैंक 10 रुपये का सिक्का लेने से मना नहीं कर सकता है।
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10 rupee coin
कई जिलों के डीसी और एसपी तो यह भी कहते हैं कि सिक्का लेने से मना करना जुर्म है। आरबीआई के निर्देशानुसार, 10 रुपये का सिक्का भारतीय मुद्रा है। इसको लेने से इनकार करने पर राजद्रोह का मामला बनता है और जो ऐसा करता है उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (1) के तहत मामला दर्ज हो सकता है क्योंकि मुद्रा पर भारत सरकार वचन देती है। इसको लेने से इनकार करना राजद्रोह है। शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सिक्का लेने से इंकार करने वाले लोगों को जेल तक हो सकती है।