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एक घटना और विकास कृष्ण ने छोड़ दी थी बॉक्सिंग, अब एशियन गेम्स में लगी चोट...पर बनाया एक रिकॉर्ड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 31 Aug 2018 05:45 PM IST
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मुक्केबाज विकास कृष्ण
बहादुर बेटे के जज्बे को सलाम, एक घटना के बाद विकास कृष्ण छोड़ चुके थे बॉक्सिंग, लेकिन जुनून कम नहीं हुआ। वापसी की, लेकिन अब एशियन गेम्स में चोट लग गई है, पर एक अनोखा रिकॉर्ड जरूर बनाया है।
मुक्केबाज विकास कृष्ण
बात हो रही है, 26 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव की, जिन्होंने जकार्ता में एशियन गेम्स 2018 में 75 किलोग्राम वेट की कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। वे गोल्ड मेडल जीत सकते थे, लेकिन क्वार्टर फाइनल में विकास को बाई पलक पर चोट लगने के कारण सेमीफाइनल खेलने से अयोग्य करार दिया गया है। 31 अगस्त को मुकाबला होना था, लेकिन चोट के चलते वे बाहर हो गए और ब्रॉन्ज से ही संतोष करना पड़ा।
मुक्केबाज विकास कृष्ण
3 एशियाई खेलों के पदक विजेता
विकास भले ही सेमीफाइनल में नहीं उतरे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने नाम एक रिकॉर्ड दर्ज कर दिया है। वह लगातार 3 एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज बन गए हैं। उन्होंने ग्वांग्झू में 2010 में लाइटवेट 60 किग्रा में गोल्ड जीता था । इसके बाद 2014 में इंचियोन में मिडिलवेट में ब्रॉन्ज मेडल देश को दिलाया। उन्हें प्री क्वार्टर फाइनल में चोट लगी थी और क्वॉर्टर फाइनल में उनका घाव गंभीर हो गया।
विकास भले ही सेमीफाइनल में नहीं उतरे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने नाम एक रिकॉर्ड दर्ज कर दिया है। वह लगातार 3 एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज बन गए हैं। उन्होंने ग्वांग्झू में 2010 में लाइटवेट 60 किग्रा में गोल्ड जीता था । इसके बाद 2014 में इंचियोन में मिडिलवेट में ब्रॉन्ज मेडल देश को दिलाया। उन्हें प्री क्वार्टर फाइनल में चोट लगी थी और क्वॉर्टर फाइनल में उनका घाव गंभीर हो गया।
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मुक्केबाज विकास कृष्ण
कभी छोड़ दी थी बॉक्सिंग
विकास कृष्ण ने 2012 में हुए लंदन ओलिंपिक के बाद विकास कृष्णन यादव ने बॉक्सिंग छोड़ने का मन बना लिया था। उन्होंने रिंग से दूरी बना ली। 18 महीने तक बॉक्सिंग नहीं की।अब वो हरियाणा पुलिस में नौकरी के लिए मेहनत में जुट गए थे। विकास के अनुसार, उस समय मेरी उम्र तक सिर्फ 20 साल थी। मुझे बॉक्सिंग में करियर नजर नहीं आ रहा था। मैं ये खेल छोड़ने का मन बना चुका था। सबह 9 बजे उठता था, देर रात सोता था। ट्रेनिंग के लिए भी सीरियस नहीं था, पर मैं बॉक्सिंग से दूर होने के बाद भी खेल को भुला नहीं पा रहा था।
विकास कृष्ण ने 2012 में हुए लंदन ओलिंपिक के बाद विकास कृष्णन यादव ने बॉक्सिंग छोड़ने का मन बना लिया था। उन्होंने रिंग से दूरी बना ली। 18 महीने तक बॉक्सिंग नहीं की।अब वो हरियाणा पुलिस में नौकरी के लिए मेहनत में जुट गए थे। विकास के अनुसार, उस समय मेरी उम्र तक सिर्फ 20 साल थी। मुझे बॉक्सिंग में करियर नजर नहीं आ रहा था। मैं ये खेल छोड़ने का मन बना चुका था। सबह 9 बजे उठता था, देर रात सोता था। ट्रेनिंग के लिए भी सीरियस नहीं था, पर मैं बॉक्सिंग से दूर होने के बाद भी खेल को भुला नहीं पा रहा था।
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मुक्केबाज विकास कृष्ण
क्या हुआ था लंदन ओलिंपिक में
2012 के लंदन ओलिंपिक खेलों में विकास मेडल जीतने को लेकर काफी कॉन्फिडेंट थे। 20 साल के विकास ने तब अमेरिकन बॉक्सर एरॉल स्पेन्स को हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली थी। वो अपनी इस सफलता का जश्न मना रहे थे कि कुछ ही पलों में उन्हें जबरदस्त झटका लगा। बॉक्सिंग गवर्निंग बॉडी AIBA ने रिजल्ट को पलटते हुए एरॉल को विनर डिक्लेयर कर दिया। वीडियो फुटेज देखने के बाद विकास द्वारा किए गए फाउल के बदले एरॉल को चार एक्स्ट्रा प्वाइंट दे दिए गए थे। विकास इस झटके से पूरी तरह टूट गए। वो यकीन नहीं कर पा रहे थे कि उनका ओलिंपिक ड्रीम टूट चुका है।
2012 के लंदन ओलिंपिक खेलों में विकास मेडल जीतने को लेकर काफी कॉन्फिडेंट थे। 20 साल के विकास ने तब अमेरिकन बॉक्सर एरॉल स्पेन्स को हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली थी। वो अपनी इस सफलता का जश्न मना रहे थे कि कुछ ही पलों में उन्हें जबरदस्त झटका लगा। बॉक्सिंग गवर्निंग बॉडी AIBA ने रिजल्ट को पलटते हुए एरॉल को विनर डिक्लेयर कर दिया। वीडियो फुटेज देखने के बाद विकास द्वारा किए गए फाउल के बदले एरॉल को चार एक्स्ट्रा प्वाइंट दे दिए गए थे। विकास इस झटके से पूरी तरह टूट गए। वो यकीन नहीं कर पा रहे थे कि उनका ओलिंपिक ड्रीम टूट चुका है।