हजारों लोगों ने घेरा पर्ल ग्रुप के मालिक का घर, देखिए तस्वीरें
पर्ल ग्रुप की ओर से निवेशकों को लाखों रुपये का भुगतान नहीं करने का मामला शुक्रवार को उस समय गरमा गया, जब सैकड़ों की संख्या में निवेशक मोहाली पहुंच गए। साथ ही कंपनी के मालिक निर्मल सिंह भंगू के फेज-7 स्थित घर का घेराव कर दिया। मौके पर जिले की कई थानों की पुलिस और अधिकारी पहुंच गए। पुलिस अफसर लोगों को शांत करने में लगे रहे। देर शाम जिला प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के बीच फोन पर बात हुई।
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कंपनी प्रबंधन ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि शनिवार को कंपनी के दो डायरेक्टर मोहाली पहुंचकर निवेशकों की मांगों को सुनेंगे। निवेशक शुक्रवार रात गुरुद्वारा अंब साहिब में रुकेंगे। जानकारी के मुताबिक , शुक्रवार सुबह काफी संख्या में पर्ल ग्रुप के निवेशक फेज-8 दशहरा ग्राउंड में पर्ल वर्कर्स व खातेदार यूनियन पंजाब के बैनर तले जुटे। निवेशकों में पंजाब के अलावा राजस्थान, यूपी, बिहार समेत कई इलाकों से लोग पहुंचे थे।
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सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत बैरिकेड लगा दिए। बारिश के बावजूद निवेशक मार्च के रूप में फेज-7 स्थित कंपनी मालिक के घर की ओेर जाने जाने वाली सड़क पर पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें डायरेक्टर के घर के पास रोक दिया। इसके बाद उन्होंने रोष प्रदर्शन किया। प्रशासन की तरफ से निवेशकों को कई बार शांत करने की कोशिश की गई। यूनियन के सूबा प्रधान मंहिदर पाल सिंह दानगढ़ ने बताया कि कंपनी दो साल से निवेशकों को परेशान कर रही है।
हजारों लोगों ने घेरा पर्ल ग्रुप के मालिक का घर, देखिए तस्वीरें
कंपनी के करीब छह करोड़ निवेशक हैं। जिनके लाखों रुपये कंपनी के पास फंसे हैं। कंपनी को सुप्रीम कोर्ट और सेवी ने भी भुगतान करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद भी कंपनी टाल मटौल की नीति अपना रही है। उन्होंने बताया कि मजबूरी में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। निवेशकों के प्रदर्शन के चलते स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे व आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। क्योंकि कंपनी के मालिक के घर की तरफ जाने वाली सड़क को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर दोनों तरफ से बंद कर दिया था।
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वहीं, उक्त जगह से आम लोगों को नहीं जाने दिया जा रहा है। लोग अपने ही घरों में कैद हो गए। यूनियन के नेताओं ने साफ किया है कि अगर उनके पैसे वापस नहीं किए गए तो उनका संघर्ष लंबा चलेगा। अब वह अपने पैसे लेकर ही दम लेंगे। ग्रुप के निवेशकों में कोई बड़ा आदमी नहीं है, बल्कि अधिकतर मिडिल क्लास परिवार है। जो कि छोटी-छोटी सेविंग कर अपनी आमदनी दोगुुना करना चाहते हैं।