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दिल्ली में होगी चंडीगढ़ के विकास पर चर्चा, ये मुद्दे होंगे प्रमुख
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 24 Jul 2017 09:31 AM IST
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- फोटो : PTI
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गृह मंत्री की सलाहकार समिति की बैठक में चंडीगढ़ की राज भाषा हिंदी या पंजाबी करने की मांग उठने जा रही है। इस बैठक के लिए भाजपा की ओर से शहर से जुड़े 18 मुद्दों की सूची बनाई गई है। उसमें चंडीगढ़ प्रशासन की सरकारी भाषा हिंदी या पंजाबी करने, मेयर का कार्यकाल ढाई साल, चंडीगढ़ के युवकों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने का भी है।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
आशा जसवाल
- फोटो : File Photo
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
कॉमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रापर्टी को लीज से फ्री होल्ड करना।
चंडीगढ़ सीधे तौर पर गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है, ऐसे में गृह मंत्रालय में चंडीगढ़ की समस्याओं से संबंधित एक अलग से डेस्क बनाया जाए।
. शहर के ईडब्ल्यूएस के मकानों को वन टाइम मालिकाना हक दिलवाया जाए।
. यूटी इंप्लाइज स्कीम के तहत जो 4 हजार फ्लैट के लिए जमीन है ,उसको पुराने रेट पर ही दिया जाए।
. साल 2012 में केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर जमीन से जुड़े मामलों पर फैसला करने का अधिकार गृह मंत्रालय को दे दिया था। उस अधिसूचना को खारिज करके यह अधिकार प्रशासक को दिया जाए ताकि चंडीगढ़ में ही प्रापर्टी से संबंधित विवाद सुलझ जाएं।
. शहर के 7 कालेज केंद्र सरकार की ग्रांट पर चल रहे हैं वहां पर कार्यरत कर्मचारियों को भी पेंशन स्कीम में शामिल किया जाए।
. मेयर का चुनाव सीधे जनता के वोट से किया जाए।
. नगर निगम के अधिकारों को मजबूत किया जाए। संपदा विभाग को छोड़कर अन्य विभाग भी नगर निगम को मिलने चाहिए।
. लाल डोरे के बाहर बनी इमारतों को रेगुलर किया जाए। यहां पर सोलर प्लांट लगाने की भी मंजूरी मिलनी चाहिए।
. जिस तरह से पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों को पीसीएस, पीएसएस, एचसीएस और एचपीपी का कैंडर है उसी तरह से चंडीगढ़ के यूटी अधिकारियों का भी अपना कैडर होना चाहिए। इस समय हरियाणा और पंजाब से तीन साल के लिए अधिकारी आते है। जिससे ऐसे अधिकारियों की चंडीगढ़ के प्रति अपनी जबावदेही भी कम होती है।
. व्यापारियों को इमारतों मेें जरूरत के अनुसार बदलाव करने की मंजूरी दी जाए।
. सोसाइटियों में रहने वालों को उनके फ्लैट का निजी तौर पर कनविंस डीड करवाने की मंजूरी दी जाए
. मिडल और लोअर मिडल क्लास के लोगों के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम लांच की जाए।
कॉमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रापर्टी को लीज से फ्री होल्ड करना।
चंडीगढ़ सीधे तौर पर गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है, ऐसे में गृह मंत्रालय में चंडीगढ़ की समस्याओं से संबंधित एक अलग से डेस्क बनाया जाए।
. शहर के ईडब्ल्यूएस के मकानों को वन टाइम मालिकाना हक दिलवाया जाए।
. यूटी इंप्लाइज स्कीम के तहत जो 4 हजार फ्लैट के लिए जमीन है ,उसको पुराने रेट पर ही दिया जाए।
. साल 2012 में केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर जमीन से जुड़े मामलों पर फैसला करने का अधिकार गृह मंत्रालय को दे दिया था। उस अधिसूचना को खारिज करके यह अधिकार प्रशासक को दिया जाए ताकि चंडीगढ़ में ही प्रापर्टी से संबंधित विवाद सुलझ जाएं।
. शहर के 7 कालेज केंद्र सरकार की ग्रांट पर चल रहे हैं वहां पर कार्यरत कर्मचारियों को भी पेंशन स्कीम में शामिल किया जाए।
. मेयर का चुनाव सीधे जनता के वोट से किया जाए।
. नगर निगम के अधिकारों को मजबूत किया जाए। संपदा विभाग को छोड़कर अन्य विभाग भी नगर निगम को मिलने चाहिए।
. लाल डोरे के बाहर बनी इमारतों को रेगुलर किया जाए। यहां पर सोलर प्लांट लगाने की भी मंजूरी मिलनी चाहिए।
. जिस तरह से पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों को पीसीएस, पीएसएस, एचसीएस और एचपीपी का कैंडर है उसी तरह से चंडीगढ़ के यूटी अधिकारियों का भी अपना कैडर होना चाहिए। इस समय हरियाणा और पंजाब से तीन साल के लिए अधिकारी आते है। जिससे ऐसे अधिकारियों की चंडीगढ़ के प्रति अपनी जबावदेही भी कम होती है।
. व्यापारियों को इमारतों मेें जरूरत के अनुसार बदलाव करने की मंजूरी दी जाए।
. सोसाइटियों में रहने वालों को उनके फ्लैट का निजी तौर पर कनविंस डीड करवाने की मंजूरी दी जाए
. मिडल और लोअर मिडल क्लास के लोगों के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम लांच की जाए।
विपक्ष को भी मिली जगह
- फोटो : फाइल फोटो
भाजपा की ओर से डेढ़ दर्जन मुद्दों की सूची बनाई गई है जो कि शहर के अहम मुद्दे हैं। इनको गृह मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। सलाहकार समिति की बैठक हर तीन माह में होनी चाहिए। यह बात भी गृह मंत्री के समक्ष उठाई जाएगी। चंडीगढ़ के युवाओं को सरकारी नौकरी में फायदा मिले और राज भाषा का मामला भी उठाया जाएगा। मेयर का कार्यकाल भी बढ़ना चाहिए क्योंकि एक साल के कार्यकाल में जब तक मेयर समझता है तब तक उसका कार्यकाल समाप्त हो जाता है।
संजय टंडन, भाजपा अध्यक्ष, चंडीगढ़
विपक्ष को भी मिली जगह
सलाहकार समिति में 12 सदस्य हैं। इसमें भाजपा के 10 सदस्य हैं। जबकि कांग्रेस के देवेंद्र सिंह बबला को भी कमेटी में रखा गया है। कहा जा रहा है कि स्थानीय भाजपा की सिफारिश पर ही बबला को जगह मिली है। इसके अलावा भाजपा प्रवक्ता कैलाश चंद जैन, प्रशासक, मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन रामवीर भट्टी, मेयर आशा जसवाल, सांसद किरण खेर, भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन, जिला परिषद की चेयरपर्सन गीता देवी, मनोनीत पार्षद सचिन लोहटिया, पूर्व मेयर कमला शर्मा, भाजपा महासचिव चंद्रशेखर, सुरेंद्र बग्गा को समिति में शामिल किया गया है।
संजय टंडन, भाजपा अध्यक्ष, चंडीगढ़
विपक्ष को भी मिली जगह
सलाहकार समिति में 12 सदस्य हैं। इसमें भाजपा के 10 सदस्य हैं। जबकि कांग्रेस के देवेंद्र सिंह बबला को भी कमेटी में रखा गया है। कहा जा रहा है कि स्थानीय भाजपा की सिफारिश पर ही बबला को जगह मिली है। इसके अलावा भाजपा प्रवक्ता कैलाश चंद जैन, प्रशासक, मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन रामवीर भट्टी, मेयर आशा जसवाल, सांसद किरण खेर, भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन, जिला परिषद की चेयरपर्सन गीता देवी, मनोनीत पार्षद सचिन लोहटिया, पूर्व मेयर कमला शर्मा, भाजपा महासचिव चंद्रशेखर, सुरेंद्र बग्गा को समिति में शामिल किया गया है।